Jamshedpur : झारखंड के औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने मेट्रो रेल और आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रुख देने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर धनबाद और जमशेदपुर में मेट्रो, मेट्रोलाइट अथवा एलीवेटेड रेल कॉरिडोर की संभावनाओं को लेकर विस्तृत सर्वे का काम कराया जा रहा है। अभी धनबाद में सर्वे चल रहा है।
जमशेदपुर में भी सर्वे होगा। सरकार का मकसद है कि रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही को आसान, तेज और सुरक्षित बनाया जाए। सर्वे के दौरान संभावित रूट, स्टेशनों की संख्या, यात्री क्षमता और परियोजना की लागत का आकलन किया जा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। रांची मेट्रो योजना पर भी रफ्तारराजधानी रांची में मेट्रो परियोजना को लेकर भी सरकार गंभीर है। प्रस्ताव के अनुसार रांची में करीब 51.3 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की योजना है, जिसे तीन प्रमुख कॉरिडोर में बांटा गया है।पहला कॉरिडोर: लगभग 16.1 किमी
* दूसरा कॉरिडोर: करीब 13.7 किमी
* तीसरा कॉरिडोर: लगभग 21.5 किमी
इन रूटों को शहर के रिहायशी, शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने के हिसाब से डिजाइन किया गया है।ट्रैफिक और प्रदूषण से राहत की उम्मीद।
सरकार का मानना है कि मेट्रो या आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे ट्रैफिक जाम, ईंधन खर्च और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आर्थिक गतिविधियों का केंद्र हैं धनबाद और जमशेदपुर
धनबाद कोयलांचल का प्रमुख केंद्र है, जहां कोयला खदानों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के कारण भारी आवागमन होता है। वहीं जमशेदपुर देश के बड़े औद्योगिक शहरों में शामिल है, जहां तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है। दोनों शहरों में ट्रैफिक अब बड़ी चुनौती बन चुका है। रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावामेट्रो परियोजना से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।सरकार को उम्मीद है कि सर्वे और डीपीआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनबाद और जमशेदपुर में मेट्रो या आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

