Dhanbad (Jharkhand) : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में गुरुवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बाउंड्री वॉल के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने आ गए। अस्पताल से सटी कोच कोचा कुली बस्ती के बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने प्रस्तावित बाउंड्री वॉल का जमकर विरोध किया, जिसके चलते पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।


जेसीबी का विरोध, धरने पर बैठी महिलाएं
भवन प्रमंडल विभाग द्वारा प्रशासन की देखरेख में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए जैसे ही जेसीबी मशीन लाई गई, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भारी विरोध के कारण निर्माण कार्य तत्काल रोक देना पड़ा। दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। विरोध कर रही स्थानीय महिलाएं कार्यस्थल पर ही लेट गईं और निर्माण कार्य को किसी भी कीमत पर रोकने की जिद पर अड़ गईं। महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, जिससे माहौल और गरमा गया। मौके पर एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पीयूष, डीएसपी और स्थानीय थाना पुलिस कैंप कर रही है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अग्निशमन विभाग की दमकल गाड़ी भी बुलाई गई। फिलहाल प्रशासन ने निर्माण कार्य रोक दिया है और शाम को ग्रामीणों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
अब रोजी-रोटी भी छीनोगे : महिलाएं
विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि यह रास्ता तब से है, जब यहां मेडिकल कॉलेज नहीं बना था और कई वर्षों से उनकी रोजी-रोटी का जरिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है, लेकिन उन्हें जमीन का मुआवजा तक नहीं मिला। महिलाएं अस्पताल के बगल में छोटी-छोटी दुकानें चलाकर जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रही हैं। अब प्रशासन द्वारा यहां बाउंड्री वॉल और रिवाल्विंग गेट लगाने की बात कही जा रही है, जिससे उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी और उनकी जीविका का साधन छिन जाएगा। महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी सूरत में गेट और बाउंड्री वॉल नहीं बनने देंगी।
ग्रामीणों को नहीं होगी परेशानी, सुरक्षा जरूरी : प्रशासन
इस दौरान मजिस्ट्रेट रामप्रवेश ने ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि बाउंड्री वॉल पूरी तरह से नहीं बनाई जा रही है, बल्कि केवल रिवाल्विंग गेट लगाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया जा रहा है। अस्पताल परिसर में मरीजों के साथ-साथ डॉक्टर और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। फिलहाल भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है, जबकि ग्रामीण भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा था।

