Home » Dhanbad News : देशव्यापी हड़ताल से धनबाद के बीसीसीएल में ठप रहा काम-काज, कोयला उत्पादन व डिस्पैच हुआ प्रभावित

Dhanbad News : देशव्यापी हड़ताल से धनबाद के बीसीसीएल में ठप रहा काम-काज, कोयला उत्पादन व डिस्पैच हुआ प्रभावित

Dhanbad News: बरोरा से चांच-विक्टोरिया तक पसरा सन्नाटा, ईसीएल की मुगमा एरिया प्रदेशप्रभावित, चित्रा व राजमहल में आंशिक असर

by Mujtaba Haider Rizvi
Dhanbad Nationwide Strike Impact on BCCL Coal Production
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Dhanbad : विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई गुरुवार की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का मिनी रत्न कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के कामकाज पर बड़ा प्रभाव देखने को मिला। हालांकि कोयला भवन मुख्यालय में मजदूरों की हाजिरी सामान्य रही। उत्पादन व डिस्पैच कोलियरी और परियोजना में हड़ताल का खासा असर रहा। बीसीसीएल की बरोरा, ब्लाक टू, गोविंदपुर, चांच-विक्टोरिया और मुनीडीह जैसे प्रमुख कोयला क्षेत्रों में गुरुवार सुबह प्रथम पाली से ही कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। खदानों से लेकर लोडिंग प्वाइंट तक से मजदूर गायब नजर आए। यहां सन्नाटा पसरा रहा। इससे कंपनी को उत्पादन और डिस्पैच से काफी नुकसान होने का अंदाजा है। वहीं दूसरी तरफ ईसीएल की मुगमा एरिया में भी हड़ताल का प्रभाव है। सारी वस्तुस्थिति से कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया प्रबंधन को वाकिफ करा दिया गया है। कोल इंडिया चेयरमैन बी साईराम ने भी सभी कोयला कंपनियों के सीएमडी से बातचीत कर हालात की जानकारी ली है।

खदानों में रहा सन्नाटा, नहीं सुनाई दी मशीनों की गड़गड़ाहट

हड़ताल का सबसे गंभीर असर प्रोडक्शन पर पड़ा है। बीसीसीएल के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सम्मिलित बरोरा ,ब्लाक टू, गोविदपिर, मुनीडीह, चांच विक्टोरिया में सुबह की पाली से ही मजदूर काम पर नहीं पहुंचे। यहां सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, मुनीडीह जैसे भूमिगत खदानों) में भी शांति छाई रही। यूनियनों के दावों के मुताबिक, खदानों के अंदर उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप रहा और मशीनों के पहिए थमे रहे। हालांकि बीसीसीएल प्रबंधन इसे सार्वजनिक करने से इंकार कर रही है। तकनीकी निदेशक संचालन संजय कुमार सिंह, निदेशक मानव संसाधन मुरली कृष्ण रमैया ने हड़ताल का प्रभाव नहीं होने की बात कही।

कोयला डिस्पैच रुका

हड़ताल की वजह से केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि कोयले के परिवहन (डिस्पैच) पर भी प्रभाव पड़ा है। गोविंदपुर और चांच-विक्टोरिया क्षेत्रों में लोडिंग पॉइंट और रेलवे साइडिंग पर काम पूरी तरह ठप रहा। ट्रकों की आवाजाही थमने और रेल लोडिंग प्रभावित होने से पावर प्लांटों को भेजे जाने वाले कोयले की आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आई है।

हाजिरी में भारी गिरावट

प्रबंधन द्वारा की गई कोशिशों के बावजूद, श्रमिकों की हाजिरी बेहद कम दर्ज की गई। बरोरा और ब्लाक टू क्षेत्रों के अधिकांश कर्मी और ठेका मजदूर काम से दूर रहे। ट्रेड यूनियन नेताओं ने सुबह से ही खदानों के मुख्य द्वारों पर घेराबंदी कर रखी थी और मजदूरों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। इसका व्यापक असर देखा गया। अधिकारियों की मौजूदगी भी सामान्य से कम रही। प्रबंधन के अनुसार करीब 40 प्रतिशत काम बाधित होने की बात कही जा रही है।

ट्रेड यूनियनों ने किया प्रदर्शन

हड़ताल को लेकर यूनियन नेताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन कर सभाएं आयोजित कीं। उनका कहना है कि यह हड़ताल निजीकरण के खिलाफ और मजदूरों के अधिकार की लड़ाई है। मुनीडीह और चांच-विक्टोरिया क्षेत्रों में जुलूस निकालकर श्रमिकों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

प्रबंधन को हुआ भारी नुकसान

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीएल के सभी क्षेत्रों को मिलाकर हजारों टन कोयला उत्पादन का नुकसान हुआ है। डिस्पैच ठप होने से राजस्व पर भी सीधा असर पड़ा है। हालांकि प्रबंधन ने दावा किया है कि कुछ जगहों पर आवश्यक सेवाएं बहाल रखने का प्रयास किया गया।

कोट : हड़ताल का बंगाल क्षेत्र के कोलियरी व परियोजना में कम असर है। मुगमा एरिया में असर दिखा, राजमहल व चित्रा में आंशिक असर है। स्थिति सामान्य करने को लेकर लगातार आंदोलन करने वाले श्रम संगठन व श्रमिकों को काम पर लौटने को लेकर बातचीत की जा रही है। — सतीश झा, सीएमडी ईसीएल

Read Also: Dhanbad News: धनबाद में निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की हड़ताल, करोड़ों का लेन-देन प्रभावित

Related Articles

Leave a Comment