धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र में बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) की आउटसोर्सिंग परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें महिलाओं समेत दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए।
Dhanbad News : होलपैक सड़क निर्माण का ग्रामीण कर रहे थे विरोध
यह घटना कतरास क्षेत्र में संचालित मां अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग परियोजना के बुट्टू बाबू बांग्ला पैच के पास घटी, जहां कुम्हार बस्ती के ग्रामीण होलपैक सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे।
Dhanbad News : पुनर्वास व मिट्टी विवाद का कारण, मांग रहे लिखित गारंटी
कुम्हार बस्ती के निवासी, जो परंपरागत रूप से मिट्टी के बर्तन और मूर्तियां बनाकर जीवन यापन करते हैं, बीसीसीएल की सड़क निर्माण परियोजना को अपने जीवन पर संकट मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पुनर्वास की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है और प्रबंधन मिट्टी को काटकर उनके संसाधनों को खत्म कर रहा है। ग्रामीणों ने परियोजना स्थल पर पोकलेन मशीन रोक दी और सुरक्षित पुनर्वास की लिखित गारंटी की मांग की। इसी दौरान सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक हुई।
मोबाइल से फोटो खींचने पर बढ़ा विवाद
घटना की सूचना मिलने पर कतरास, राजगंज, तेतुलमारी, रामकनाली और अंगारपथरा ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं थे। इसी बीच मोबाइल से फोटो खींचने पर एक युवक को रोका गया, जिससे मामला और भड़क गया।
स्थिति बेकाबू होते ही पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें भवानी देवी, अंजुली कुमारी, गीत देवी, संजू देवी, सोनू कुमार समेत कई ग्रामीण घायल हो गए। दो पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है।
त्रिपक्षीय बैठक में मामला सुलझाने का होगा प्रयास
ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। मामले की जांच की जा रही है।
वहीं, कतरास पुलिस अंचल निरीक्षक मुकेश कुमार चौधरी ने कहा कि जल्द ही रामकनाली ओपी परिसर में त्रिपक्षीय बैठक होगी, जिसमें ग्रामीणों की पुनर्वास मांग का समाधान निकाला जाएगा।
Dhanbad News : भाकपा(माले) का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही भाकपा (माले) नेता हलधर महतो और ठाकुर महतो मौके पर पहुंचे और प्रबंधन पर ग्रामीणों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विस्थापन का समाधान नहीं किया गया तो यह मामला लोकसभा और विधानसभा में उठाया जाएगा।

