RANCHI: डोरंडा कॉलेज रांची के परिसर में रविवार को आत्मरक्षा प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन परियोजना निदेशक झारखण्ड महिला विकास समिति-सह-निदेशक समाज कल्याण किरण पासी और डोरंडा कॉलेज के प्राचार्य डॉ राज कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। परियोजना निदेशक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा सीखना बेटियों के लिए जरूरी है। प्रत्येक बालिका को यह प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए। झारखण्ड सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है तथा भविष्य में राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में किशोरियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जाने की दिशा में कार्य कर रही है। जिससे कि बालिकाएं आत्मनिर्भर बन सकें, बाल विवाह से बच सकें। साथ ही अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

कराटे की निःशुल्क ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से महाविद्यालय की छात्राओं को निःशुल्क कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो शिहान रंजीत मेहता के मार्गदर्शन में संचालित होगा। वहीं प्राचार्य डॉ. राज कुमार शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय द्वारा संचालित सोशल आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत यह पहल समाज के उत्थान की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगा। हमारी छात्राएं ही नहीं बल्कि समाज के वे सभी लोग जो बालिकाओं को आत्मनिर्भर और प्रशिक्षित बनाने में सहयोग करना चाहते हैं, उनके लिए महाविद्यालय हर संभव प्रयास करने हेतु तत्पर है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत झारखण्ड राज्य में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की यह एक विशेष पहल है। जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में झारखण्ड महिला विकास समिति और डोरंडा कॉलेज के संयुक्त प्रयास से प्रारम्भ किया गया है। जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। मौके पर कराटे प्रशिक्षण हेतु विशेष रूप से सुसज्जित कराटे डोजो कक्ष का भी उद्घाटन किया गया।

