नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर बेस पर “भारत ड्रोन शक्ति-2023” प्रदर्शनी शुरू हो गयी है। इस प्रदर्शनी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। मौके पर वायुसेना के प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी सहित अन्य प्रमुख सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर रक्षामंत्री ने कहा कि यह आयोजन न केवल भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण के प्रयासों पर प्रकाश डालता है, बल्कि रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत ड्रोन पावर भी बनजाएगा।
राजनाथ सिंह ने ड्रोन प्रदर्शनी के दौरान ड्रोन के कुछ हवाई प्रदर्शन भी देखे। बाद में, उन्होंने प्रदर्शनी क्षेत्र और कुछ स्टॉल का भी दौरा किया। डीएफआई के एक अधिकारी ने बताया कि 75 ड्रोन का स्थैतिक प्रदर्शन किया जा रहा है और 50 से अधिक ड्रोन का हवाई प्रदर्शन किया जाएगा।
जल्द भारतीय वायु सेना में शामिल होगा C-295 विमान:
कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि C-295 विमान भारतीय वायु सेना के लिए महत्वपूर्ण है, और इसकी अधिग्रहण की बात हाल ही में हुई है। इस विमान का अधिग्रहण नई दिल्ली और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के बीच 21,935 करोड़ रुपये के सौदे के तहत किया गया है, जिसका हस्ताक्षर दो साल पहले हुआ था। C-295 विमान एक ट्रांसपोर्ट विमान है और भारतीय वायु सेना के लिए विशेष उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसकी क्षमता और विमान उपकरण की जरूरतों के अनुसार अनुकूलित होती है। इसका निर्माण और असेंबली एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) के साथ एक औद्योगिक साझेदारी के तहत किया जाएगा।
इसके बाद के 40 विमानों के निर्माण और असेंबली की देखरेख इस साझेदारी के अंतर्गत होगी। C-295 के पहले 16 विमानों का निर्माण जिम्मेदारी एयरबस सेविले में है, और उम्मीद है कि यह 2025 तक पूरा हो जाएगा।
इस विमान का अधिग्रहण भारतीय वायु सेना के लिए महत्वपूर्ण है और इसके साथ ही एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच साझेदारी के माध्यम से विमानों की निर्माण और असेंबली की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
75 से अधिक ड्रोन स्टार्टअप:
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित “भारत ड्रोन शक्ति 2023” कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के ड्रोन्स का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम में ड्रोन समूह और काउंटर ड्रोन सोल्यूशन्स भी दिखाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ, 75 से अधिक ड्रोन स्टार्टअप और कारपोरेट्स भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिससे ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में नए विकास हो सकते हैं।
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इस प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे कुछ प्रमुख ड्रोन इस प्रकार है:
1. सर्वेक्षण ड्रोन: ये ड्रोन्स जानकारी और जीवंत प्रतिस्थापन के लिए उपयोग होते हैं।
2. कृषि ड्रोन: कृषि में सुधार करने और उन्नति करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
3. आग दमन ड्रोन: आग दमन मिशन्स के लिए ड्रोन्स का उपयोग किया जाता है, जो आग पर निगरानी और नियंत्रण करने में मदद करते हैं।
4. सामरिक निगरानी ड्रोन: ये ड्रोन्स सुरक्षा और सामरिक जरूरतों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
5. हेवी लिफ्ट लॉजिस्टिक्स ड्रोन: इन ड्रोन्स का उपयोग बड़े औद्योगिक सामग्री और भारी भार के लिए किया जाता है।
6. लोटरिंह मूनिशन सिस्टम: इसके तहत ड्रोन्स का उपयोग विभिन्न तरह के विस्फोटक प्रयोजनों के लिए होता है।

