रांची : झारखंड की सभी ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य की पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण स्तर पर ही लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और जानकारियों का लाभ मिल सके।
पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में अब तक 3 हजार 498 पंचायत ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 4 हजार 345 डिजिटल पंचायत भवन विकसित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य को 2 हजार 182 करोड़ रुपये की राशि भी प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग पंचायतों के बुनियादी ढांचे और डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ करने में किया जा रहा है। सरकार की योजना के तहत अब हर पंचायत में इन्फॉर्मेशन कियोस्क भी स्थापित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायतों के डिजिटल सशक्तीकरण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए 209 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का दायरा और अधिक बढ़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से पंचायतें अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त बनेंगी तथा ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

