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Jharkhand Rajyasabha Election : झारखंड राज्यसभा चुनाव में रोचक मोड़, राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी ने खरीदा पर्चा

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र खरीदा है। परिमल नथवानी भी भाजपा से ही राज्यसभा सदस्य की उम्मीदवारी की रेस में हैं। सोमवार को पार्टी अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा करेगी।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Ranchi : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। उद्योगपति और वर्तमान में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी के नाम से नामांकन पर्चा खरीदे जाने के बाद दूसरी सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इससे पहले झामुमो ने पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम और कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी नामांकन पर्चा खरीदा है, लेकिन पार्टी ने अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परिमल नथवानी की संभावित उम्मीदवारी चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है। नथवानी इससे पहले 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और राज्य की राजनीति तथा चुनावी गणित की गहरी समझ रखते हैं। परिमल नथवानी आंध्र प्रदेश से साल 2020 में राज्यसभा सदस्य बने थे। 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसलिए माना जा रहा है कि परिमल नथवानी फिर से राज्यसभा में जाने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं।

एक जानकार का कहना है कि भाजपा की रणनीति और उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाएं पहले भी होती रही हैं। ऐसे में दूसरी सीट का मुकाबला रोचक रहने वाला है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इससे न केवल दलित समाज को साधने की कोशिश हुई है, बल्कि परिवारवाद को लेकर उठ रहे सवालों पर भी विराम लगाने का प्रयास किया गया है।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्रा का मानना है कि यदि परिमल नथवानी नामांकन दाखिल करते हैं तो इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति हो सकती है। उनका कहना है कि भाजपा भी चाहेगी कि मुकाबले में एक अतिरिक्त उम्मीदवार रहे, जिससे सत्ता पक्ष पर दबाव बढ़े और चुनावी गणित अधिक जटिल बने।

झारखंड विधानसभा की कुल 81 सीटों में सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 24 विधायक हैं। एक सीट जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो के पास है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। संख्या बल के आधार पर झामुमो उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि असली मुकाबला दूसरी सीट को लेकर है।

राज्यसभा की छह सीटों वाले झारखंड में फिलहाल भाजपा के तीन सांसद दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा और आदित्य साहू हैं। दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है, जबकि शिबू सोरेन के निधन के बाद एक सीट पहले से रिक्त है। झामुमो की ओर से महुआ माजी और सरफराज अहमद वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं।

अब सभी की नजरें सोमवार पर टिकी हैं, जब नामांकन दाखिल होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दूसरी सीट के लिए मुकाबला त्रिकोणीय रहेगा या राजनीतिक समीकरण कोई नया मोड़ लेंगे।

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