Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में अब नई प्रजाति का आम उत्पादित किया जा रहा है। इसका टेस्ट अलग है। इस नई प्रजाति के आम को जिले के उद्यान विभाग की कोशिशों के बाद लगाया गया है। अब इस आम की पैदावार होने लगी है। इसका नाम तारा या बनाना मैंगो रखा गया है।
गौरतलब है कि शनिवार को साकची में डीसी ऑफिस परिसर में मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस मैंगो फेस्टिवल में जिले भर से किसानों ने अपने उत्पादित आमों का स्टाल लगाया। यह स्टाल आकर्षण का केंद्र बने रहे। लोगों ने यहां से किसानों के आम खूब खरीदे।
मैंगो फेस्टिवल का उद्धाटन डीसी राजीव रंजन ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मनरेगा में किसानों को आम का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। लोगों को आम की बागवानी करने की ट्रेनिंग दी गई है। उन्हें इसके लिए आर्थिक मदद भी की गई है। इसके बाद जिले के किसानों ने एक बड़े क्षेत्र में आम के बाग लगाए हैं। अब पूर्वी सिंहभूम का आम देश ही नहीं विदेशी बाजारों में भी धूम मचा रहा है। पिछले साल यहां का आम विदेश भेजा गया था जिसे खूब पसंद किया गया। डीसी ने कहा कि आज जो मैंगो फेस्टिवल आयोजित हो रहा है यह जिले की योजना की सफलता है। जिले में लंगड़ा, दशहरी और आम्रपाली वेरायटी के आम लगाए गए हैं। इसके अलावा, आम की एक नई प्रजाति भी विकसित की गई है। जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत ही आम का उत्पादन हो रहा है।
6000 एकड़ में की जा रही है आम की बागवानी
गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में आम की खेती सात 2016-17 में शुरू हुई। अब जिले में 6000 एकड़ क्षेत्र में आम की बागवानी की जा रही है। योजना की प्रति इकाई प्राक्कलित राशि चार लाख 37 हजार 660 रुपये निर्धारित की गई है। जिले में प्रमुख रूप से आम्रपाली और मल्लिका किस्म के आम लगाए गए हैं। जिला प्रशासन किसानों को मार्केट लिंकेज भी उपलब्ध करा रहा है। पिछले साल 14 किसानों के आम की बिक्री देश और विदेश के विभिन्न बाजारों में कराई गई। इससे किसानों को पांच लाख 12 हजार रुपये की आमदनी हुई थी।
इस साल हुई है 96 हजार 649 किलो आम की पैदावार
पटमदा प्रखंड के किसान अशोक कुमार महतो का आम सऊदी अरब भेजा गया था। यह जिले की एक बड़ी उपलब्धि रही। पूर्वी सिंहभूम में बिरसा हरित ग्राम योजना के सफल संचालन पर छत्तीसगढ़ के 13 अधिकारियों का एक दल जमशेदपुर आया था। यहां इस टीम ने बोड़ाम और पटमदा इलाके का दौरा कर किसानों से बात की थी और योजना की सफलता के टिप्स जाने थे। वित्तीय साल 2026-27 में 96 हजार 649 किलो आम का उत्पादन हुआ है। इसमें से 21 हजार 17 किलो आम बेचा जा चुका है।

