रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र सिंह ने पलामू किला के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र शुरू कराने के लिए पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से उनके रांची स्थित सरकारी आवास स्थित कार्यालय में मुलाकात की। बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की जा रही योजना का पावरपॉइंट प्रस्तुतिकरण दिखाया गया।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ऐतिहासिक पलामू किला के जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस परियोजना पर 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डीपीआर तैयार होने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में वर्ष 2028 तक पलामू किला के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कर लिया जाए।

Palamu Fort Restoration
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पलामू और पूरे झारखंड के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
वित्त मंत्री ने पलामू किला के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह किला पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित है। वर्ष 1628 में चेरो वंश के राजा प्रताप राय ने पुराने किले का निर्माण कराया था, जबकि वर्ष 1658 में मेदिनी राय ने नए किले के निर्माण की शुरुआत की थी, जो पूर्ण नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि जीर्णोद्धार के बाद किले का सौंदर्यीकरण किया जाएगा तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही स्थानीय आदिवासी संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल होम स्टे योजना भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच आदिवासी जीवन, संस्कृति और परंपराओं को नजदीक से जान सकेंगे।
पर्यटन विभाग का मानना है कि किले के पुनर्विकास से पलामू क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

