RANCHI: रिम्स की अधिग्रहीत जमीन से जुड़े चर्चित फर्जीवाड़ा मामले में जेल में बंद दो आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने आरोपी राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका अस्वीकार कर दी।
यह मामला रांची स्थित रिम्स की वर्ष 1964-65 में अधिग्रहीत करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर इस सरकारी जमीन को निजी संपत्ति साबित करने के लिए फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार किए। इसके आधार पर जमीन पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकानों का निर्माण कर लिया गया।
झारखंड हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान एसीबी ने 7 अप्रैल 2026 को कार्रवाई करते हुए राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था। एसीबी का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध लाभ लेने की कोशिश की। मामले की जांच जारी है।

