

धनबाद/Gaurav Agarwal Topper: गौरव अग्रवाल ने सीए फाइनल के परिणाम में 408 अंकों के साथ पूरे जिले में टॉप किया है। गौरव के पिता सुनील अग्रवाल की झरिया के भागा में राशन की दुकान है। मां गीता अग्रवाल गृहिणी हैं। गौरव की पारिवारिक पृष्ठभूमि सीए की नहीं है, बावजूद कड़ी मेहनत की। दस से 12 घंटे तक पढ़ाई की और सफलता के झंडे गाड़ दिए। गुरुवार को परिणाम घोषित बनने पर गौरव समेत उनका पूरा परिवार फूले नहीं समा रहा है।

गौरव ने बताया कि कोलकाता में पढ़ाई के दौरान आसपास सीए का बढ़िया माहौल देखा। बस यहीं से सोच लिया कि अब तो इसी क्षेत्र में कॅरियर बनाना है। डिनोबिली स्कूल डिगवाडीह से दसवीं की परीक्षा 94.8 प्रतिशत और 12वीं इसी स्कूल से 96 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद पूरा ध्यान सीए की तैयारी पर लगा दिया।

गौरव ने बताया कि एक-दो वर्ष सीए में जॉब करने के बाद एमबीए करने का सपना है, ताकि आगे कुछ बेहतर कर सकें। पढ़ाई के अलावा क्रिकेट खेलना पसंद है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं बड़े भाई सौरव अग्रवाल को दिया। सौरव ने एनआइटी जमशेदपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अभी वेदांता में जॉब कर रहे हैं।

Gaurav Agarwal Topper: हर दिन कम से कम दो घंटे रिवीजन जरूरी
सीए परीक्षा के चार महीने पहले से हर दिन लगभग दस घंटे की सेल्फ स्टडी की। गौरव बताते हैं कि सीए का सिलबेस काफी लंबा होता है, इसलिए इसमें रिवीजन बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। जितना अधिक कंटेंट पढ़ेंगे, चीजें आसानी से याद होती जाएंगी। इसलिए हर दिन कम से कम दो घंटे रिवीजन जरूरी है। इंटरनेट मीडिया पर अकाउंट जरूर है, लेकिन सिर्फ स्टडी मैटेरियल्स के लिए ही प्रयोग किया। पढ़ाई के समय सभी अकाउंट बंद कर दिए थे। इनसे दूरी बना ली थी।
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