चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी कैलेंडे गांव के पास स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज टेक्नो इंडिया के छात्र बीस वर्षीय विक्रम टुडू की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। विक्रम टुडू धनबाद का रहनेवाला था और इंजीनियरिंग कॉलेज में द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा था।
एक हजार मीटर दौड़ में गिरकर हुआ था बेहोश
मंगलवार को युवा दिवस के अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। विक्रम टुडू ने इसमें एक हजार मीटर दौड़ स्पर्धा प्रतियोगिता में भाग लिया था। दौड़ने के क्रम में अचानक गिर पड़ा और बेहोश हो गया। जिसके बाद उसे चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया।
चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित किया
सदर अस्पताल लाए जाने के बाद चिकित्सकों ने विक्रम टुडू की जांच की। जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने हृदय गति रुकने से मौत होने की पुष्टि की है। मामले पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस के छात्र इकाई एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप सहित कांग्रेसियों ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कॉलेज प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों को यथोचित मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की है।
विक्रांत धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के कोनोटांड़ गांव का रहने वाला था। उसके पिता नकुल टुडू पारा शिक्षक हैं। तीन बहनों के बाद विक्रांत परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह हादसा मंगलवार दोपहर को हुआ, जिसकी जानकारी मिलने के बाद बुधवार को परिजन चाईबासा पहुंचे और सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और मुआवजे की मांग को लेकर कॉलेज प्रबंधन से बातचीत की। बुधवार दोपहर तक चली वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
इस पूरे मामले पर कॉलेज के प्रिंसिपल डी राहा ने स्पष्ट किया कि कॉलेज में नियमित रूप से खेलकूद की गतिविधियां होती रहती हैं। यह कोई अनिवार्य प्रतियोगिता नहीं थी। छात्रों ने स्वेच्छा से पंजीकरण कर इसमें भाग लिया था। उन्होंने बताया कि दौड़ के दौरान विक्रांत की तबीयत बिगड़ते ही तुरंत सीपीआर दिया गया और कॉलेज की एंबुलेंस से उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों की मांग पर प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन आर्थिक सहायता के विकल्पों पर विचार कर रहा है।घटना के बाद कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है और छात्रों में भी गहरी संवेदना देखी जा रही है।
एनएसयूआई ने कॉलेज पर लगाया लापरवाही का आरोप
बुधवार को चाईबासा के कांग्रेस भवन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने कहा कि यह मामला कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। बिना शारीरिक जांच किए एक हजार मीटर दौड़ स्पर्धा में प्रतिभाग करने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई। इसकी जांच की जानी चाहिए। दौड़ के दौरान चिकित्सीय दल मौजूद नहीं था और ना किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था थी।
जिला प्रशासन से जांच कराने की मांग
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने जिला प्रशासन से एक उच्चस्तरीय जांच दल गठित कर मामले की जांच करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी इस तरह की घटना नहीं घटे। कॉलेज प्रबंधन द्वारा बरती गई लापरवाही कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग अपने बच्चों को कॉलेज प्रबंधन में उच्च शिक्षा के लिए दाखिला करवाते हैं। कॉलेज की लापरवाही के कारण किसी भी छात्र की जान जाना काफी पीड़ादायक है। एनएसयूआई कॉलेज के विरुद्ध सड़क पर उतर कर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। मौके पर कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, सचिव जगदीश सुंडी, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष मो. एहसान, महासचिव मो. जाबीर, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, राकेश सिंह, राजेन्द्र कच्छप, प्रताप पुरती, संजय साव, मो. शाहिद आदि उपस्थित थे।

