पलामू : झारखंड सरकार के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने शनिवार को पलामू प्रमंडलीय मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई खामियां उजागर हुईं, जिस पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी
वित्त मंत्री ने लगभग एक घंटे तक अस्पताल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की, जहां डॉक्टर इंचार्ज डॉ. धर्मेंद्र कुमार ड्यूटी से गायब मिले। सिविल सर्जन भी अनुपस्थित थे, और अस्पताल के सुपरिटेंडेंट छुट्टी पर थे। प्रभारी सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय कुमार ही मौके पर मौजूद थे। मंत्री ने अस्पताल परिसर में फैली गंदगी देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और प्रभारी सुपरिटेंडेंट को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
मरीजों से बातचीत में उजागर हुईं खामियां
मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ऑर्थोपेडिक विभाग में जांच के दौरान पाया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने आई बारालोटा की सविता देवी को निजी दवा दुकानों से ऑपरेशन के लिए सामान खरीदने पर मजबूर किया गया। इसी तरह, पोखरीकला के एक अन्य मरीज के साथ भी यही व्यवहार किया गया। मंत्री ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया और इसे मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर सख्त रुख
वित्त मंत्री ने कहा कि एमआरएमसीएच जैसे प्रमंडलीय अस्पताल में सरकार ने मरीजों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियां सही ढंग से निभाने में असफल हो रहे हैं। यह स्थिति अस्वीकार्य है।”
साफ-सफाई और अनुशासन पर दिए सख्त निर्देश
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म में रहें ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके और मरीजों को इसका लाभ मिले। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी कि यह निरीक्षण पहली बार चेतावनी के रूप में है, लेकिन अगली बार खामियां मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुधार के लिए मांगे सुझाव
अस्पताल के अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

