सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिले में भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले में दो मगरमच्छ पाए गए। इन मगरमच्छों को बंगले के अंदर बने चिड़ियाघर में रखा गया था, जिसकी जानकारी वन विभाग को भी आयकर विभाग के माध्यम से मिली। शुक्रवार को दोनों मगरमच्छों को वन विभाग की टीम द्वारा रेस्क्यू कर लिया गया।
सार्वजनिक था यह चिड़ियाघर
मध्य प्रदेश के सागर में भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से वन विभाग की टीम ने दो मगरमच्छों को रेस्क्यू किया है। इसकी सूचना वन विभाग को आयकर विभाग की ओर से मिली थी, जबकि यह सार्वजनिक था। शायद शर्मिंदगी की वजह से वन विभाग ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया।
पता चला है कि हरवंश सिंह के बंगले में बहुत पहले से ही एक चिड़ियाघर बना हुआ था, जिसमें स्थानीय लोग भी मगरमच्छों और उसके साथ तरह-तरह के पक्षियों को देखने के लिए आते थे। वहीं बंगले के अंदर एक कांच का मंदिर भी है। इस मंदिर का अधिकांश भाग कांच से बना होने के कारण स्थानीय लोगों में यह कांच मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
इससे भी हैरान करने वाली बात है कि वन विभाग इन मगरमच्छों को किसी चिड़ियाघर में देने की बजाय कह रहा है कि दोनों मगरमच्छों की मेडिकल जांच के बाद डैम में छोड़ दिया जाएगा। वहीं, जानकारी के अनुसार बंगले के अंदर एक तीसरा मगरमच्छ भी है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मगरमच्छ के अधिक आक्रामक हो जाने के कारण फिलहाल उसे रेस्क्यू नहीं किया जा सका है।
पूर्व विधायक ने वन विभाग को लिखी थी चिट्ठी
मगरमच्छों को रेस्क्यू करने की सूचना पर स्थानीय लोग बंगले के आसपास इकट्ठा हो गए थे। कुछ दिन पहले ही आयकर विभाग की टीम हरिवंश सिंह के बंगले पर सर्वे के लिए गई थी, जहां उन्हें उनके बंगले में दो मगरमच्छों के होने का पता चला। उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। हालांकि पूर्व विधायक ने बहुत पहले वर्ष 2014 में ही इस संबंध में वन विभाग को एक चिट्ठी लिखी थी कि वह मगरमच्छों को ले जाए। यहां सवाल उठ रहे हैं कि यदि विधायक ने वन विभाग को सूचित किया था, तो विभाग पूर्व विधायक के घर में मगरमच्छ होने से अनभिज्ञ कैसे रहा।
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