Home » Jamtara Crime : जामताड़ा में पुलिस की मुखबिरी करने के संदेह में अपराधियों ने करवाई थी फुरकान की हत्या

Jamtara Crime : जामताड़ा में पुलिस की मुखबिरी करने के संदेह में अपराधियों ने करवाई थी फुरकान की हत्या

Jamtara Crime : फरवरी महीने में ओड़िशा क्योंझर में आरोपितों ने डाला था डाका, जामताड़ा की भी छह अपराधिक वारदातों में थे शामिल

by Mujtaba Haider Rizvi
Furkan murder case
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस को पिछले दिनों जिले में हुई छह आपराधिक वारदातों में शामिल कुख्यातों को पकड़ने में कामयाबी मिली है। पिछले दिनों 22 फरवरी की सुबह नारायणपुर थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव के पास एक नाश्ते की दुकान पर इन अपराधियों गांव के ही फुरकान अंसारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इन अपराधियों ने दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम देकर पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।

पुलिस ने गहन पड़ताल के बाद इस वारदात में शामिल अपराधी नारायणपुर थाना क्षेत्र के पोखिरया गांव के रहने वाले आसिफ अंसारी उर्फ लंबू, इसी गांव के रहने वाले हारून अंसारी व इसराफिल अंसारी, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुरबा के रहने वाले समशुल अंसारी और नारायणपुर थाना क्षेत्र के ही धरमपुर के रहने वाले सफाउल अंसारी को दबोचा है। पुलिस की जांच की जांच में इन सभी अपराधियों के तार दो फरवरी को ओड़िशा के क्योंझर जिले में हुई डकैती की वारदात से जुड़ रहे हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि इन अपराधियों को इस बात का शक था कि फुरकान उनके आपराधिक मामलों के बारे में जानता है और वह इन मामलों में पुलिस की मुखबिरी कर रहा है। इसी शक के आधार पर इन शातिरों ने वारदात में शामिल तीन साथियों को एक-एक लाख रुपये की सुपारी देकर फरकान को रास्ते से हटा दिया।

एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी गिरफ्तारी की जानकारी

इस बात की जानकारी मंगलवार देर शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता ने दी। मेहता ने बताया कि धरमपुर में हुई हत्या की वारदात के बाद इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया गया। जब इन अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू हुई तो एक-एक छह वारदातों में इनके शामिल होने की बात सामने आई है। ये सभी शातिर पेशेवर अपराधी हैं और करमाटांड़ में लूट, डकैती, सीएसपी संचालक के साथ लूट के बाद हत्या के मामले में भी ये शामिल रहे हैं। छापेमारी के दौरान इन आरोपितों के पास से तीन देसी पिस्टल, चार नाइन एमएम कारतूस व दो मैग्जिन, दो बाइक व आठ मोबाइल भी हुए बरामद हैं।

सफाउल है घटना का मास्टरमाइंड

वहीं दूसरी ओर पुलिस टीम को इन अपराधियों के बारे में पुख्ता सबूत तब मिले जब साइबर अपराध के शक में दो शातिरों की गिरफ्तारी हुई। जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस ने साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर दो एक आरोपित को दबोचा। पुलिस की गिरफ्त में आए नारायणपुर थाना क्षेत्र के मदनाडीह का रहने वाला फुरकान अंसारी से पता चला कि वह अलग-अलग बैंकों में फर्जी नामों से खोले गए खातों से पैसों की निकासी करता है। फिर इन पैसों को करमाटांड़ के छायटांड़ के रहने वाले अजमुल अंसारी उर्फ बलमा को पहुंचाता है। जब पुलिस टीम ने मामले की गहनता से पड़ताल की तो पता चला यह गैंग जमरूद्दीन अंसारी चला रहा है और वह इन साइबर अपराध के पैसों को धरमपुर के रहने वाले सफाउल को दे रहा है। सफाउल इन पैसों का इस्तेमाल 22 फरवरी की सुबह हुई फुरकान की हत्या के आरोपितों को पहुंचाने की फिराक में था।ताकि हत्या के लिए तय सुपारी की रकम इन अपराधियों तक पहुंचाई जा सके।

अन्य आरोपियों की चल रही तलाश

इन हत्यारों को वारदात को अंजाम देने से पूर्व भी पेशगी की रकम दी जा चुकी थी। पूरे प्रकरण में यह भी पता चला है कि सफाउल ही पूरे मामले का मास्टर मांइड। इतना ही नहीं वह लूट, हत्या, छिनतई और डाका डलवाने तक के मामलों के रेकी करने से लेकर गुर्गों का भी चयन करता था। जांच के दौरान उसके मामलों में शामिल होने की बात सामने आ रही है। सभी सातों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद अपराधियों को जेल भेज दिया गया है। जबकि मामले में शामिल जमरूद्दीन समेत अन्य की तलाश जारी है।

Read Also: Deoghar Crime : देवघर में साइबर ठगी के 11 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Related Articles

Leave a Comment