Home » Jamshedpur News : मोहब्बत जिंदगी है और सत्यकाम की शूटिंग के लिए झारखंड आए थे धर्मेंद्र, घाटशिला व धनबाद की हसीन वादियों में फिल्माए गए थे सीन

Jamshedpur News : मोहब्बत जिंदगी है और सत्यकाम की शूटिंग के लिए झारखंड आए थे धर्मेंद्र, घाटशिला व धनबाद की हसीन वादियों में फिल्माए गए थे सीन

घाटशिला की हसीन वादियों में धर्मेंद्र की फिल्म ‘सत्यकाम’ की हुई थी शूटिंग, फुलडुंगरी पहाड़ से जुड़ी ही मैन की यादें फिर ताजा

by Mujtaba Haider Rizvi
Jamshedpur News dharmendra
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : अंततः धर्मेंद्र की सांसें थम ही गईं। धर्मेंद्र घाटशिला में ‘सत्यकाम’ की शूटिंग के लिए आए थे। इसके पूर्व वे ‘मोहब्बत जिंदगी है’ की शूटिंग के लिए वे धनबाद 1966 में आए थे। झारखंड का खूबसूरत पर्यटन स्थल घाटशिला, अपने नाम की तरह घाट और शिला (पत्थर) के अनोखे संगम से बना है। यहां स्वर्णरेखा नदी का शांत तट, घने जंगल और विशालकाय चट्टानें हर किसी को आकर्षित कर लेती हैं। अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता की वजह से यह इलाका सिर्फ पर्यटकों ही नहीं, फिल्म जगत का भी पसंदीदा स्थान रहा है। बालीवुड के ही मैन धर्मेंद्र ने घाटशिला आकर फिल्म की शूटिंग की थी।

घाटशिला से मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र की यादें भी गहराई से जुड़ी हैं। निर्देशक हृषिकेश मुखर्जी की क्लासिक फिल्म‘सत्यकाम’ की शूटिंग 1969 में घाटशिला के फुलडुंगरी पहाड़ पर हुई थी। धर्मेंद्र और शर्मिला टैगोर ने कई महत्वपूर्ण दृश्यों और गीतों को फुलडुंगरी की हरियाली और स्वर्णरेखा तट के रात मोहना में फिल्माया था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि फुलडुंगरी पहाड़ के ऊँचे साल के पेड़ों के बीच फिल्माए गए दृश्य आज भी दर्शकों को रोमांचित कर देते हैं। 24 नवंबर को धर्मेंद्र से जुड़ी खबरों ने एक बार फिर घाटशिला में फिल्म ‘सत्यकाम’ की यादों को जीवंत कर दिया। लोग बताते हैं कि घाटशिला धर्मेंद्र और शर्मिला टैगोर आ रही हैं, यह जानकर इलाके के लोग रोमांचित हो उठे थे। घाटशिला क्या जमशेदपुर से भी लोग धर्मेंद्र की एक झलक देखने के लिए जुटे थे।

धनबाद में तोपचांची झील में धर्मेंद्र ने छलांग भी लगाई थी। यहां के जंगलों में गीत भी शूट हुआ था.. तुम्हारी मुलाकात से। जंगल की खूबसूरती देख सकते हैं। इसके साथ झरिया कोल माइंस में भी शूट हुई थी। फिल्म के पर्दे पर यहां शूट के बारे में जानकारी दी गई है-धनबाद झरिया कोल माइंस। इसके अलावा स्टूडियो के बारे में जानकारी है। धनबाद की खूबसूरती भी पर्दे पर दिखती है। इसके बाद वे तीन साल बाद फिर आए और घाटशिला में शूट किया। यह बात 1969 की है। घाटशिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इलाके के लोग बताते हैं कि यहां विभूति भूषण वंद्योपाध्याय रहे और उनसे इसकी ख्याति दूर-दूर तक गई। इसके पूर्व महान फिल्मकार ऋत्विक घटक यहां शूट कर चुके थे।

घाटशिला के रोहित सिंह ने बताते हैं कि ‘सत्यकाम’ की शूटिंग यहां फरवरी से मार्च 1969 के बीच विभिन्न स्थानों पर हुई थी। मुकुल चक्रवर्ती, हृषिकेश दा के दूर के रिश्तेदार थे। हृषिकेश मुखर्जी के अनुरोध पर, मुकुल चक्रवर्ती ने यहां शूटिंग का आयोजन किया। शूटिंग फुलडुंगरी हिल, रातमोहना और सुवर्णरेखा नदी के किनारे हुई। यहां आए कलाकारों में धमेंद्र, शर्मिला टैगोर, डेविड, मनमोहन और रोबी घोष शामिल थे। मुकुल बाबू की जीप का भी शूटिंग में उपयोग किया गया। जब आप ‘सत्यकाम’ फिल्म देखेंगे तो उसे कस्बे को देख सकते हैं। फुलडुंगरी की पहाड़ियां और सुबर्णरेखा की चमकती लहरें। लोटे से धर्मेंद्र को पानी पिलाती शर्मिला और पीछे दिखता सुंदर पहाड़। धोती-कुर्ता पहने धर्मेंद्र नदी किनारे चट्टान पर खड़े नदी की ओर बढ़ती शर्मिला को निहार रहे हैं। घाटशिला के पूरमपूर सौंदर्य को हृषिकेश दा ने पर्दे पर जीवंत कर दिया था।

भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता धर्मेंद्रजी के निधन की समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका जाना फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके चाहने वालों की कमी नहीं, याद है हम जब छोटे थे तब मेरे बाबा (पापा) उनकी फिल्म लगने पर जरूर हम सबों को लेकर देखने जाया करते थे…शोले फिल्म में उनका अभिनय..उफ्फ..उनका डायलाग ..बसंती …आज भी बच्चों के जुबान पर है। धर्मेंद्रजी ने अपने करियर में अनगिनत यादगार किरदार दिए। मैं जट्ट यमला पगला दीवाना, मेरे दिल में आज क्या है, जैसे उनके सदाबहार गीत और सुपरहिट फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी। उनकी सरलता, विनम्रता और अभिनय की चमक हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगी।
मोनिका मुंडू, गायिका

Read Also- Dharmendra Death : बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन, पवन हंस श्मशान घाट पर होगा अंतिम संस्कार

Related Articles