गोड्डा: नगर परिषद चुनाव के बीच फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए वार्ड पार्षद के पद पर नामांकन करने का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में निवर्तमान पार्षद प्रीतम गाड़िया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगर थाना में उनके खिलाफ धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने पूरे मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन लेने के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है।

वार्ड पार्षद पद के निर्वाची पदाधिकारी सह जिला सामाजिक सुरक्षा निदेशक अभय कुमार झा ने बताया कि नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान गाड़िया के नामांकन पर किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। इस कारण उनका नामांकन वैध मानते हुए उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया था।
बाद में सदर अंचल के राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर उनके खिलाफ गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा। इसके बाद उनके खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अब इस मामले में आखिरी फैसला राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा। फिलहाल आरओ के स्तर से उनकी उम्मीदवारी पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
वहीं, आरोपी प्रीतम गाड़िया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देने की बात कही है। उनका कहना है कि वे नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने साफ किया कि वे चुनाव मैदान में पूरी तैयारी डटे रहेंगे।
वार्ड नंबर 6 से लगातार दो बार पार्षद रह चुके हैं प्रीतम
बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर छह से प्रीतम गाड़िया लगातार दो बार पार्षद रह चुके हैं। पहले यह सीट सामान्य श्रेणी की थी, लेकिन इस बार इसे बीसी-टू वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। आरोप है कि अग्रवाल जाति से होने के बावजूद उन्होंने खुद को अग्रहरि वैश्य बताते हुए शपथ पत्र दिया और बीसी-टू का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया।
गलत खतियानी दस्तावेज देकर बनवाया प्रमाण पत्र
प्राथमिकी में कहा गया है कि उन्होंने गलत खतियानी दस्तावेज पेश कर आरक्षण का लाभ लेने की कोशिश की। अंचल अधिकारी के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक प्रकाश मंडल ने नगर थाना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने इसे धोखाधड़ी का मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
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