जमशेदपुर : जेईई मेन- 2026 के लिए परीक्षा सेंटर की वेरिफिकेशन प्रक्रिया जारी है। इस बार परीक्षा केंद्र में अंगूठे का निशान नहीं लगाया जाएगा। क्यूआर कोड से छात्र का एडमिट कार्ड और पहचान पत्र स्कैन होगा। इसके साथ ही एनटीए भी सुरक्षा निर्देश तैयार कर रहा है। एग्जाम के दौरान तीन स्तरों पर परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी। सीसीटीवी से केंद्रीयकृत मॉनिटरिंग की जाएगी। इसकी निगरानी एआई से की जाएगी।
जेईई मेन पेपर-1 का आयोजन 21 से 29 जनवरी तक किया जाएगा, जबकि पेपर-2 केवल 30 जनवरी को आयोजित की जाएगी। छात्रों को जूते, फुल स्लीव शर्ट, बड़े बटन वाले कपड़े और गहरे या तंग कपड़े पहनने की मनाही है। परीक्षा सुबह 9 से 12 और दोपहर 3 से 6 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। जमशेदपुर में इस परीक्षा के लिए एक केंद्र बनाया गया है, जहां करीब 7 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा केंद्र पर प्रिंट कॉपी जरूरी
एनटीए ने साफ किया है कि परीक्षा के दिन छात्रों को यह प्रमाणपत्र प्रिंट करके साथ लाना अनिवार्य होगा, ताकि केंद्र पर पहचान का फिजिकल वेरिफिकेशन हो सके। छात्रों को हालिया फोटो, हस्ताक्षरित और सत्यापित प्रमाणपत्र पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना होगा।
आधार होना भी जरूरी
जेईई मेन 2026 के अभ्यर्थियोंके लिए एनटीए ने बताया कि कुछ छात्रों के आवेदन फॉर्म में अपलोड की गई लाइव फोटो और आधार, पहचान पत्र की फोटो में अंतर पाया गया है। ऐसे छात्रों को अब अपनी पहचान दोबारा सत्यापित करने का अंतिम मौका दिया गया है। इसकी अंतिम तारीख 15 जनवरी है। इसका लिंक छात्रों के रजिस्टर्ड ई-मेल पर भेजा गया है। एनटीए ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड के अलावा किसी अन्य पहचान पत्र से आवेदन किया था, उनकी लाइव फोटो यूआईडीएआई रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है।
मालूम हो कि पहले पहचान का सत्यापन केवल स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर से ही कराया जा सकता था। लेकिन छात्रों की परेशानी को देखते हुए एनटीए ने नियमों में राहत दी है। अब अभ्यर्थी तहसीलदार, एसडीएम, डीएम, राजस्व अधिकारी जैसे क्लास-1 राजपत्रित अधिकारी से भी प्रमाणपत्र सत्यापित करवा सकते हैं। एनआरआई छात्रों के लिए यह सुविधा भारतीय दूतावास के क्लास-1 अधिकारी से भी मिलेगी।

