पाकुड़: पाकुड़ के बाजार समिति परिसर में शनिवार को सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारियों योजनाओं के बारे में आम लोगों को जानकारी दी। मौके पर सीएम ने कहा कि झारखंड सरकार छात्रों के हित में काफी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों के लिए अब राज्य सरकार दाल और चावल समेत अन्य खाद्य सामग्री मुहैया कराएगी। अब उन्हें अपने घर से पैसे और राशन-पानी लाने की जरूरत नहीं है।
पाकुड़ में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम
सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण छात्रावास बनने के बाद से अब तक किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं था। राज्य सरकार 500 से अधिक कल्याण छात्रावास का जीर्णोद्धार करा रही है। छात्रावास के जर्जर भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना की झूठी ढोल पीट रही है। केंद्र सरकार ने गरीबों का मकान बनाने के लिए हाथ खड़ा कर दिया है।

लेकिन, झारखंड सरकार गरीबों की हितैषी है। केंद्र सरकार से मदद नहीं मिलने पर भी राज्य सरकार ने गरीबों के लिए अबुआ आवास योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत लाभुकों को तीन कमरे का सुसज्जित आवास दिया जाएगा। केंद्र की उपेक्षा के बावजूद उनकी सरकार ने अपनी ओर से 20 लाख लोगों का राशन कार्ड बनाया, जिसे राशन दे रही है। सर्वजन पेंशन योजना की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के पहले राज्य में सिर्फ 32 हजार लोगों को पेंशन योजना का लाभ मिलता था। पेंशन की आस में गरीब लोगों की मौत हो जाती थी। पिछले तीन साल में पेंशन के लाभुक की संख्या बढ़कर एक लाख आठ हजार हो गई है। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने 153 करोड़ की योजनाओं का उद्धाटन व शिलान्यास किया।
झारखंड के लिए भाजपा के लोगों ने नहीं लड़ी कोई लड़ाई
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा पर भी खूब हमलावर दिखे। उन्होंने कहा कि झूठ बोलना और लांछन लगाना भाजपा नेताओं के चरित्र में है। भाजपा के लोग बस आरोप लगाते रहते हैं। इस राज्य के निर्माण में इन लोगों का क्या योगदान है? झारखंड के लिए इन लोगों ने कोई लड़ाई नहीं लड़ी। देश के लिए भी कोई लड़ाई नहीं लड़ी। लोगों को आपस में लड़ाकर ये लोग सत्ता में बैठ जाते हैं। जब-जब ये सत्ता में आते हैं, राज्य या देश की स्थिति बद से बदतर कर देते हैं। आज महंगाई चरम पर है। मणिपुर में आदिवासियों के साथ क्या हुआ यह बात किसी से छुपी नहीं है। यहां के गरीबों को ले जाकर लद्दाख में मरवा देते हैं। किसी को टनल में मरवा देते हैं।
अभी 15 दिन से उत्तराखंड के टनल में झारखंड के कई मजदूर फंसे हुए हैं। उनकी क्या स्थिति होगी, समझा जा सकता है। इस सरकार के पास अपनी कोई योजना नहीं है। विदेश से लोग बुलाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जहां-जहां जाते हैं उनके पीछे एक आदमी को भेज दिया जाता है, ताकि वे उनकी बातों पर मिट्टी डाले। लेकिन, वे ये नहीं जानते वे इसी मिट्टी में गिर जाएंगे। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार लोक कल्याण से जुड़ी दर्जनों योजनाएं चला रही है।
तीन साल में राज्य के सभी बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों को पेंशन दिया गया है, लेकिन एक आदमी भोपू लिए घूम रहा है। बोल रहा है कि झारखंड सरकार कुछ नहीं कर रही है। ये लोग हिंदू-मुस्लिम, जात-पात, आदिवासी-गैर आदिवासी कर आम लोगों को गुमराह कर सत्ता हथियाना चाहते हैं। केंद्र सरकार का माखौल उड़ाते हुए कहा कि केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को 1200 रुपए में रसोई गैस दे रही है और राज्य में कह रही है कि उनकी सरकार बनी तो 450 रुपए में रसोई गैस देंगे। केंद्र सरकार झूठ का पुलिंदा है। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, दिनेश मरांडी समेत महागठबंधन के कई नेता मौजूद थे।
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