रांची / जमशेदपुर : पूरे झारखंड और देशभर में श्री हनुमान जयंती 12 अप्रैल को धूमधाम से मनाई जाएगी। राजधानी रांची, जमशेदपुर समेत हर शहर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस विशेष दिन पर श्री हनुमान जी के भक्त उनके जन्म का उत्सव मनाएंगे। आचार्य पंडित मनोज पांडेय ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, हनुमान जयंती चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है और इस वर्ष यह दिन 12 अप्रैल को पड़ेगा।
हनुमान जयंती का महत्व
हनुमान जी का जन्म चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हुआ था, जो संकट मोचन श्रीराम भक्त के रूप में प्रसिद्ध हैं। पंडित मनोज पांडेय के अनुसार, भगवान विष्णु के रामावतार के समय हनुमान जी का रुद्रावतार हुआ था। उन्होंने राम-रावण युद्ध में प्रभु श्रीराम का साथ दिया, माता सीता की खोज में मदद की और लंका विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हनुमान जी का जन्म विशेष रूप से राम भक्ति के उद्देश्य से हुआ था।
इस दिन को हनुमत जयंती और हनुमान व्रत के रूप में भी मनाया जाता है। रांची के प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आयोजन होंगे।
इस साल का विशेष संयोग
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा 11 अप्रैल की रात 2.40 बजे से आरंभ होगी और इसका समापन 13 अप्रैल को भोर 4.34 बजे होगा। लेकिन, 12 अप्रैल को सूर्योदय के समय यह पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष रूप से व्रत रखा जाएगा और हनुमान जी के जन्मोत्सव का आयोजन होगा।
पंडित मनोज पांडेय ने बताया कि इस बार हनुमान जयंती के दिन विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन रवि योग, जय योग, हस्त नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र में पड़ रहा है। खास बात यह है कि 12 अप्रैल को हस्त नक्षत्र सुबह से ही आरंभ हो जाएगा, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन
हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा, भजन, कीर्तन और भव्य झांकियां सजाई जाएंगी। भक्तगण इस दिन व्रत रखते हुए हनुमान जी की पूजा-अर्चना करेंगे और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए श्रद्धा भाव से उनसे मार्गदर्शन मांगेंगे।

