रांची : झारखंड सरकार ने हजारीबाग के तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रहे झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सतीश चंद्र के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई में पुनः जांच कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने संकल्प जारी किया है। मामला वर्ष 2016-17 में एनएच-33 के लिए अधिग्रहित भूमि (खाता संख्या-749, प्लॉट संख्या-7209, रकबा 0.20 एकड़) के मुआवजा भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि अंचल अधिकारी, बरही से प्राप्त प्रतिवेदन की समुचित समीक्षा नहीं करने के कारण गलत पंचाट बना और उसके आधार पर गलत व्यक्ति को भुगतान कर दिया गया, जिससे सरकार को 75,82,789 रुपये के राजस्व की क्षति हुई।

इस मामले में झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। पूर्व में विभागीय जांच पदाधिकारी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में दोनों आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए थे। हालांकि, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जांच प्रक्रिया में दस्तावेजों को विधिवत दिखाया नहीं किया गया तथा गवाहों का परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण नहीं कराया गया। उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के आलोक में प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को गंभीर मानते हुए सरकार ने पुनः जांच कराने का निर्णय लिया है। राज्यपाल के आदेश से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।

