रांची : Hemant Soren Take Oath CM : झारखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी एक बार फिर हेमंत सोरेन को मिल सकती है। जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन के विधायकों के बीच सर्वसम्मति के बाद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करने के लिए तैयार हैं। बुधवार को इसकी जानकारी दी है। हालांकि पार्टी के पुराने नेता चम्पाई सोरेन ने पांच महीने पहले राज्य की कमान संभाली थी, जब हेमंत को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। वहीं चम्पाई सोरेन ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत मंगलवार को ही मिल गए थे, जब चम्पाई सोरेन के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे। हालांकि यह कदम इंडिया ब्लॉक के नेताओं के समर्थन के बाद ही उठाया गया है। वहीं बीजेपी ने हेमंत की वापसी के लिए एक सीनियर आदिवासी नेता को शीर्ष पद से हटाने के लिए झामुमो की आलोचना की है।
Hemant Soren Take Oath CM : विधायक दल की बैठक में हेमंत सोरेन के नाम पर लगी मुहर
रांची में बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले गठबंधन के विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। इसमें हेमंत सोरेन को फिर से सत्ता की कमान सौंपने पर मुहर लगाई गई। झारखंड के सीएम और वरिष्ठ जेएमएम नेता चम्पाई सोरेन ने अपने पूर्ववर्ती हेमंत सोरेन को गठबंधन सरकार की जिम्मेदारी सौंपने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं बता दें कि हाईकोर्ट ने कथित जमीन घोटाले में 5 महीने पहले गिरफ्तारी के बाद हेमंत को नियमित जमानत पर रिहा किया है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी के दौरान हेमंत ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
Hemant Soren Take Oath CM : बैठक में मौजूद सदस्य ने कही बड़ी बात
झामुमो नीत गठबंधन की बैठक में मौजूद एक सदस्य ने बताया कि किसी भी अस्थिरता से बचने के लिए चम्पाई सोरेन को सीएम बनाया गया था, लेकिन जनादेश हेमंत के नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए था, जिसे 2019 के चुनावों में बहुमत मिला था। हालांकि, चम्पाई ने शुरुआती तौर पर इनकार किया था और आगे कोई परेशानी होने पर सरकार में कुछ अस्थिरता का हवाला दिया गया था। तब चम्पाई को मना लिया गया और थोड़ी ना नुकुर के बाद वह पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए।
Hemant Soren Take Oath CM : हेमंत करेंगे विधानसभा चुनाव की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि सत्ता के परिवर्तन के बाद हेमंत अपनी अधूरे वादों को पूरा करने का प्रयास करेंगे, जो इस साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों में उनका मुद्दा बनेंगे। वहीं चुनाव अभियान में वह जनता को बताएंगे कि कैसे उन्हें झूठे मामले में पांच महीने तक जेल में रखा गया और सीएम का पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
वहीं हेमंत सोरेन को ईडी ने 5 महीने पहले कथित भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके कारण उन्हें सीएम पद छोड़ना पड़ा और चम्पाई को अपना उत्तराधिकारी चुनना पड़ा। 28 जून को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी, जिसमें कहा गया कि यह मानने के कारण मौजूद हैं कि वह अपराध के लिए दोषी नहीं थे।
Hemant Soren Take Oath CM : चम्पाई बोले हमारा गठबंधन है मजबूत
चम्पाई ने राजभवन से बाहर आने के बाद कहा कि मैंने झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के फैसले के अनुसार इस्तीफा दे दिया है। हमारा गठबंधन मजबूत है। सभी जानते हैं कि हेमंत सोरेन के साथ क्या हुआ था। मुझे गठबंधन सहयोगियों द्वारा जिम्मेदारी दी गई थी। अब गठबंधन ने हेमंत सोरेन के पक्ष में फैसला किया है। वहीं हेमंत सोरेन ने मीडिया को बताया कि सरकार बनाने की सभी औपचारिकता पूरी हो चुकी है। शपथ ग्रहण समारोह के बारे में पूछे जाने पर झामुमो नेता ने कहा- जल्द ही सब कुछ खुलासा किया जाएगा।
इस बीच ईडी जल्द ही हेमंत को जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए एक विशेष अनुमति याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। हेमंत सोरेन सरकार पहली बार 2013 में मुख्यमंत्री बने थे। मौजूदा झारखंड सरकार के कार्यकाल में करीब 6 महीने ही शेष हैं। झारखंड में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होंगे।
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