सेंट्रल डेस्क : इंडिया और पाकिस्तान के रिश्तों में अक्सर अप्स एंड डाउन देखने को मिलते रहते हैं। खासकर पाकिस्तान में बसे हिंदूओ को लेकर तमाम तरह ही धारणा बनाई जाती रही है। सोशल मीडिया के कुछ वीडियो को देखें, तो लगता है कि हिंदू पाकिस्ता में सुरक्षित नहीं हैं, तो वहीं कुछ वीडियो देखकर लगता है कि वहां हिंदू और मुस्लिम के बीच जबरदस्त भाईचारा है।

हाल ही में पाकिस्तान से इंडिया आए एक परिवार ने अपना हाल बयां करते हुए कहा है कि उनकी फैमिली एक लंबे समय से धार्मिक उत्पीड़न और तंग हालातों का सामना कर रहे हैं। वहां से भागकर उन्होंने हरियाणा में शरण ली है। यह परिवार लगातार गुहार लगा रहा है कि वो पाकिस्तान नहीं जाना चाहते और यहां खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। वो यहीं रहना चाहते हैं, इस बीच उनके वीजा की अवधि भी खत्म हो चुकी है।
हर रोज हो रहे हैं अत्याचार
परिवार के सदस्यों के अनुसार, पाकिस्तान में उन्हें न केवल धार्मिक आधार पर, बल्कि सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। इसके चलते वे अपनी जान और अस्मिता की सुरक्षा के लिए भारत आने को मजबूर हो गए। पाकिस्तान में हर रोज किसी न किसी रूप में उनके ऊपर पाबंदियां और अत्याचार हो रहे थे,और यही कारण था कि उन्होंने भारत का रुख किया है।
भारत से है उम्मीद…
अब जब उनका भारतीय वीजा समाप्त हो चुका है, तो यह परिवार लौटने की बजाय यहीं बसने की चाहत व्यक्त कर रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में उनके लिए कोई भविष्य नहीं है, और भारत में उन्हें शांति और सम्मान की उम्मीद दिखती है।
यह घटना पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, पर बढ़ते उत्पीड़न का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। कई बार ऐसे मामले उठ चुके हैं, जिनमें पाकिस्तान के हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा है।
भारत में उनकी सुरक्षा की उम्मीद और जीवन के बेहतर अवसरों की तलाश में ये परिवार यहां आकर बसने की इच्छा जाहिर कर रहा है, जो भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक और संवेदनशील पहलू जोड़ता है।

