
दुमका : झारखंड के दुमका जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन मैदान में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने तिरंगा फहराया, सलामी दी, फिर विभिन्न विभागों की ओर से निकाली गई झांकियों का अवलोकन किया।
जिलेवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुरूप आज प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज सम्पदा से समृद्ध एवं संघर्ष तथा बलिदान की साक्षी इस ऐतिहासिक भूमि दुमका से मैं, समस्त दुमका वासी एवं झारखण्ड वासी को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं. जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभभाई पटेल, शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सदृश्य राष्ट्र निर्माताओं के साथ-साथ झारखंड के सभी महान विभूतियों (धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, बहन फूलो-झानो, बीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, पांडेय गणपत राय एवं शहीद विश्वनाथ शाहदेव) को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।
भाइयों और बहनों, यह दिवस हमारे संविधान के लागू होने की वर्षगांठ है, इस दिन से हमारा देश एक सम्प्रभु गणराज्य के रूप में अपने सिद्धातों के अनुरूप चलने का मार्ग अपनाकर आगे बढ़ा है। आज का त्योहार हमें संविधान की अमूल्य सिद्धांत-न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व की याद दिलाता है, ये मूल्य केवल कागज पर नहीं बल्कि हमारे रोजमर्रा के व्यवहार, नीतियों और निर्णयों में प्रतिबिंबित होने चाहिए। हमें सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक तक शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा एवं रोजगार के समान अवसर प्राप्त हो।
जब हम आदिवासी, पिछडे, दलित के अधिकार की बात करते हैं, तो स्वभाविक रूप से हमारे मस्तिष्क में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की यशस्वी छवि परिलक्षित होती है। मुख्यमंत्री का पूर्ण विश्वास है कि भारतीय संविधान के आदर्शों और मूल्यों के प्रति सम्पूर्ण समर्पण से ही हम विकास के लक्ष्यों को सही अर्थों में प्राप्त कर सकते हैं।
दुमका जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिला के समावेशी एवं जनसहभागी विकास, पारदर्शी प्रशासन एवं परिणाम आधारित प्रयास के प्रति दृढ़ संकल्पित है।
इसी क्रम में,
दुमका जिला के लिए अत्यन्त हर्ष का विषय है कि दुमका हवाई अड्डा, दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा Flying Training Organization का उद्घाटन किया गया है। इस संस्थान के माध्यम से प्रतिवर्ष राज्य के 30 युवक-युवतियों को Commercial Pilot License का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए Flying Training Organization के पास पर्याप्त प्रशिक्षु विमान एवं योग्य प्रशिक्षक उपलब्ध हैं। दुमका की इस पावन भूमि पर हम भविष्य के उन पायलटों को तैयार करेंगे जो भविष्य में विश्व के आकाश में नई ऊंचाईयों को छु पायेंगे। इस Flying Training Organization द्वारा जनजातीय युवक-युवतियों को निःशुल्क Commercial Pilot License का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

झारखंड सरकार ने ग्राम स्वराज की भावना को सशक्त करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हाल ही में पेसा नियमों को लागू कर जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभा को वास्तविक अधिकार प्रदान किये गये हैं।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव आत्मनिर्भर बने, निर्णय की शक्ति सीधे जनता के हाथ में रहे। पंचायतों को मजबूत करने के लिए पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था, प्रतिनिधियों का सतत प्रशिक्षण एवं पंचायत भवनों को डिजिटलीकृत करने की पहल की जा रही है। ग्राम पंचायतो में महिला मुखिया को विशेष प्राथमिकता देते हुए उन्हें नेतृत्व प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा माताओं एवं बहनों की आर्थिक स्वतंत्रता एवं गरिमामयी जीवन स्तर प्रदान करने के उद्देश्य से झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना प्रारंभ किया गया है। इस योजना अंतर्गत 18 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को प्रति माह 2500/- रुपये की दर से आर्थिक सहायता प्रदान किया जा रहा है।
वर्त्तमान में दुमका जिला में दिसम्बर 2025 तक कुल 2,04,018 (दो लाख चार हजार अठारह) महिलाओं को उक्त योजना से आच्छादित किया गया है। सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना में 123622, मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना में 27050, मुख्यमंत्री राज्य आदिम जन जाति पेंशन योजना में 9728. मुख्यमंत्री राज्य HIV/AIDS पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ के लिए राज्य सुरक्षा पेंशन योजना में 178. स्वामी विवेकानन्द निःशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना में 14837 लाभुको को लाभ प्रदान किया जा रहा है।
दुमका जिला अंतर्गत महिला सशक्तीकरण के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा ग्रामीण गरीब परिवार की महिलाओं को सखी मंडल से जोड़कर उनको आजीविका के सशक्त साधनों से युक्त किया जा रहा है। दुमका जिला के 10 प्रखंडों के 2675 गांवों में लगभग 16,213 सखी मंडलों का गठन किया गया है। उक्त सखी मंडलों से जुड़ी हुई महिला सदस्यों के जीविकोपार्जन के लिए उन्हें चक्रीय निधि, क्रेडिट लिंकेज एवं अन्य सुक्ष्म लघु ऋण उपलब्ध कराते हुए उन्हें विभिन्न व्यवसायों / रोजगार से जोड़ा जा रहा है। पलाश ब्रांड अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के द्वारा सरसो का तेल, चावल, आटा, दाल, मडुआ का आटा, लेमन ग्रास आदि का उत्पादन / प्रसंस्करण किया जा रहा है एवं इन उत्पादों को राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु JSLPS द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है।
दुमका जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा वैकल्पिक जीविकोपार्जन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कतिपय अभिनव प्रयास किए जा रहे है, जिसमें दीदी की दुकान, दीदी का ढाबा, मंईयां आजीविका सिलाई केंद्र आदि प्रमुख हैं। भारत सरकार द्वारा भी दीदी की दुकान को महिला सशक्तीकरण के प्रयास के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है एवं दुमका जिला को इस नवाचार हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। दुमका जिला में कुल 3764 दीदी की दुकान एवं 119 दीदी का ढ़ाबा खोला गया है तथा मंईयां आजीविका सिलाई केंद्र की स्थापना की गई है। दुमका जिला में आदिम जनजाति के परिवारों को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु 339 सखी मंडलों में करीब 3,498 आदिम जनजाति के परिवारों की महिलाओं को जोड़ा गया है।
समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को निर्बाध शिक्षा प्रदान करने हेतु झारखण्ड सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं को प्रति वर्ष प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, निःशुल्क साईकिल वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को कम से कम 3000/-रू० एवं अधिकतम 25000/-रू० एक मुश्त अनुदान चिकित्सा हेतु दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति/ पिछडावर्ग/अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग युवक/युवतियों को स्वरोजगार हेतु 50,000/- रू0 से 25,00,000/- (पच्चीस लाख) तक का ऋण मुहैया कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत् अबुआ बीर अबुआ दिशोम अभियान के अन्तर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पट्टा का वितरण किया जा रहा है। पी०एम० जनमन योजना अंतर्गत दुमका जिले के आदिम जनजाति बहुल 04 ग्रामों में Multipurpose Center का निर्माण कराया जा रहा है।
कल्याण विभाग अंतर्गत लगभग 4.91 करोड़ की लागत से शिबू सोरेन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया गया है जिसका विगत दिनों माननीय विधायक के कर-कमलों द्वारा उद्घाटन किया गया है। गोपीकांदर एवं मसलिया में 03 नव निर्मित शुभारंभ किया गया है। दुमका जिला के प्रखंड शिकारीपाड़ा, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का
झारखंड सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत प्रथम प्रसव वाली महिलाओं को दो किश्तों क्रमशः प्रथम किश्त 3000.00 एवं द्वितीय किश्त में 2000.00 कुल 5000.00 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है एवं द्वितीय प्रसव में बालिकाओं को जन्म देने वाली महिलाओं को एक मुश्त 6000.00 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना अन्तर्गत कक्षा 08 से 12 में नामांकित बालिकाओं को क्रमशः 2500.00 सौ एवं 5000.00 तथा 18 से 19 वर्ष की किशोरियों को जिनका मतदाता पहचान पत्र है, उन्हें 20,000.00 रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत विवाह के एक वर्ष के अन्दर आवेदन करने वाली महिला जिनका विवाह निबंधन हो चुका हो एवं मतदाता पहचान पत्र निर्गत है उन्हें 30,000.00/-(तीस हजार) रूपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री दिव्यांग कल्यानार्थ योजना अन्तर्गत दिव्यांगजनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने हेतु लागातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में दुमका जिला में कुल 5207658 (बावन लाख सात हजार छः सौ अन्ठावन) मानव दिवस सृजित किया जा चुका है। बिरसा कूप संवर्द्धन मिशन अन्तर्गत कुल 5172 सिंचाई कूप का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे कुल 12,555 एकड़ भूमि सिंचित किया जा सकेगा। दुमका जिला में बिरसा हरित ग्राम योजना अन्तर्गत कुल 2500 एकड़ भूमि में बागवानी का कार्य प्रगति है।
अबुआ आवास योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त कुल लक्ष्य 9827 इकाई के आलोक में शत प्रतिशत लाभुकों को आवास स्वीकृति का कार्य किया गया है एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 20188 लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 11695 लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना अन्तर्गत विधवा, एकल / परित्यक्त महिलाओं सहित कठिन परिस्थितियों मे लोक सहायता का प्रावधान किया गया है।
दुमका जिला में रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई सतत प्रक्रिया के तहत् की जा रही है। वर्तमान में कुल 293 अभ्यर्थियों का चौकीदार पद पर चयन करते हुए आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर नियुक्ति पत्र का वितरण किया जा रहा है। दुमका जिला अंतर्गत लगभग 737 पदों पर गृह रक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है जिसे निकट भविष्य में सम्पन्न कर लिया जायेगा। इसी प्रकार जिला स्थापना शाखा, दुमका द्वारा नियमित रूप से अनुकंपा आधारित नियुक्ति का कार्य जारी है, विगत् वर्ष में कुल 38 लिपिक/अनुसेवकों के नियुक्ति का कार्य सम्पन्न किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालयों में नियुक्ति का कार्य प्रक्रियाधीन है।
आत्मनिर्भर झारखण्ड बनाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले बेरोजगार पुरुष एवं महिला उद्यमियों को निर्माण क्षेत्र की इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम रु0 50.00 लाख एवं सेवा क्षेत्र के उद्यम स्थापित करने के लिए अधिकतम रु0 20.00 लाख का ऋण राष्ट्रीयकृत बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत नई उद्यम स्थापना / उन्नयन के लिए अधिकतम 1.00 करोड़ तक और ग्रुप के लिए जैसे FPO/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता समूह के लिए अधिकतम 10.00 करोड़ तक की परियोजना बैंकों के माध्यम से ऋण मुहैया कराया जा रहा है।
दुमका जिला मुख्य रूप से कृषि आधारित जिला है। यहाँ की लगभग 80% जनसंख्या कृषि पर आधारित है। जिले में वर्ष 2025-26 में रबी फसलों के आच्छादन में गेहूँ फसल का आच्छादन 6242 हे0, मक्का फसल का आच्छादन 507 हे०, दलहन फसल का आच्छादन 5571 हे०, तिलहन फसल का आच्छादन 11038 हे0 किया जा चुका है।
दुमका जिला में रबी एवं खरीफ मौसम अंतर्गत विभिन्न फसलों यथा धान, मक्का, मूंग, अरहर, ज्वार, गेहूँ, चना, मसूर आदि का कुल 7457.28 क्वीं0 बीज वितरण किया गया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत् संचालित प्रति बूंद अधिक फसल योजना अंतर्गत 135 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रीप इरिगेशन विधि से आच्छादित किया गया है। इसी प्रकार झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत दुमका जिला में 27403 किसानों को लाभ प्रदान किया गया है।
दुमका जिला में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य पालकों को मत्स्य स्पॉन एवं मत्स्य अंगुलिकाओं का वितरण किया जा रहा है। दुमका जिला में बंद/परित्यक्त पत्थर खदानों एवं जलाशयों में मत्स्य पालन एवं उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु कुल 257 केज कल्चर युनिट एवं 06 केज हाउस का अधिष्ठापन / निर्माण प्रगति पर है। मत्स्य पालकों को बायो फ्लॉक-सह-टैंक, ओरनामेंटल रेयरिंग फिश ईकाई, आईस बॉक्स सहित दो पहिया/तीन पहिया वाहन उपलब्ध कराया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में मत्स्य प्रसार अनुसंधान एवं प्रशिक्षण योजना अंतर्गत नये प्रजाति के मछलियों के पालन को बढ़ावा देने हेतु महाझिंगा मछली पालन का निर्णय लिया गया है।
झारखण्ड सरकार द्वारा हर गांव और शहर के प्रत्येक घरों में विद्युत पहुँचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उज्ज्वला झारखण्ड योजना संचालित किया जा रहा है। साथ ही झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के तहत् वैसे घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता जिनके परिसर में मीटर लगा हुआ है उन्हें 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।
झारखंडवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत् झारखण्ड सरकार के द्वारा 15.00 लाख रू० तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार प्रति वर्ष प्रत्येक पात्र परिवार को उपलब्ध कराया जायेगा।
झारखंड झराज्य के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त कर्मियों को वार्षिक प्रीमियम पर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन कार्यक्रम अंतर्गत सभी प्रखंडों में चलंत चिकित्सा वाहन (MMU) के माध्यम से आदिम जनजाति समुदाय को स्वास्थ्य सेवा प्रदान किया जा रहा है। गंभीर एवं असाध्य बीमारी से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत् अनुदान राशि प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से दुमका जिला को यक्ष्मा, एनिमिया, कालाजार/सिकल सेल, कुष्ठ आदि रोगों से मुक्त करने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
ई-संजीवनी के माध्यम से दुमका जिला में कुल 1,43,711 मरीजों को ओ०पी०डी० की सुविधा तथा निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया है। दुमका जिला में फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल का आधूनिक सुविधाओं से युक्त भवन बनकर तैयार हो गया है जो वर्तमान में हस्तांतरण की प्रक्रिया में है। यह अस्पताल न केवल दुमका बल्कि संथाल परगना को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक असमानता के दूर करने के लिए दुमका जिले में समग्र शिक्षा अभियान के तहत् “सम्पूर्ण शिक्षा कवच कार्यक्रम” जिले में संचालित है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा कक्षा 11 वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं गणित विषयों में ऑनलाईन कक्षाओं की शुरूआत की गई है।
जिला प्रशासन की इस पहल को नीति आयोग द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शैक्षणिक नवाचार मानते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दुमका जिला को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। दुमका जिले में कुल 04 मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, 15 प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय, 13 पी०एम० श्री विद्यालय, 10 कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय, 06 मॉडल विद्यालय एवं 01 संथाल आवासीय विद्यालय, मसलिया संचालित है।
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय योजना अंतर्गत दुमका जिला के 07 विद्यालयों का चयन किया गया है। बहुभाषीय शिक्षा पलास के तहत् जिला के 241 विद्यालयों में जहाँ 90% से ज्यादा बच्चें संथाली परिवार से हैं उन विद्यालयों में कक्षा 1,2 एवं 3 की पढ़ाई मातृ भाषा आधारित की जा रही है।
दुमका जिला प्रशासन द्वारा पलायन के रोकथाम हेतु एक विशेष अभियान “आपनार आतो कामी” कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत् उन पंचायतों को चिन्हित किया गया है जहाँ से रोजगार की तलाश में ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। उन पंचायतों में क्रमवार श्रम, नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा लागातार शिविर का आयोजन कर संगठित /असंगठित प्रवासी श्रमिकों को निबंधित करते हुए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है तथा श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर संचालित योजना / परियोजना / उद्यम / उपक्रम से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
दुमका जिला में सड़क मार्ग का विस्तार तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को पथों से जोड़ने हेतु विभिन्न पथों एवं पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में पथ प्रमण्डल, दुमका अंतर्गत कुल 10 (दस) पथों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल लम्बाई 162.579 कि०मी० है एवं 04 अद्द पथों का निर्माण कार्य निविदा की प्रक्रिया में है।
दुमका जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में पथ विस्तार हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 21 योजनाएँ प्रगति पर है, जिनकी कुल लम्बाई 142.209 कि०मी० है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कुल 41 योजनाएं प्रगति पर है, जिनकी कुल लम्बाई 137.683 कि0मी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना अंतर्गत कुल 253 योजनाएँ प्रगति पर है, जिनकी कुल लम्बाई 876.848 कि०मी० है। दुमका जिला में मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत कुल लगभग 25 सेतु का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
दुमका जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा कुल 21 पर्यटन स्थलों को A,B,C एवं D श्रेणी में अधिसूचित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भी Kite Festival, Lantern Festival, विभिन्न खेलों का आयोजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन पर्यटक स्थलों के प्रति लोगों को आकर्षित करने का कार्य किया जा रहा है।
मलूटी पर्यटन क्षेत्र में प्रकाश की व्यवस्था का कार्य अंतिम चरण पर है। मसानजोर में प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ जलक्रीडा एवं एडवेंचर स्पोर्टस को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। झारखण्ड का सबसे लंबा पुल जिसे सेल्फी ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने हेतु विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। दुमका नगर के खुटाबांध तालाब को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने हेतु नौका परिचालन का शुभारंभ विगत् दिनों माननीय विधायक के कर कमलों द्वारा किया गया है।
दुमका जिला अंतर्गत सरकारी खेल केन्द्र जैसे एकलव्य आर्चरी प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय आर्चरी प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केन्द्र एवं क्रीड़ा प्रशिक्षण केन्द्र के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय पटल पर झारखण्ड का नाम रौशन किये हैं। वर्तमान में रामगढ़, मसलिया एवं दुमका में विभाग द्वारा नये स्टेडियमों का निर्माण कराया गया है एवं कमार दुधानी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में लगभग 08 करोड़ रू० की लागत से 8 Lane Synthetic Track की स्वीकृति भी प्रदान की गई है जो आने वाले दिनों में संथाल परगना एवं राज्य के लिए स्पोर्ट्स हब का काम करेगी, जहाँ एक ही स्थल पर एथलेटिक्स, फुटबॉल, आर्चरी, कबड्डी, खोखो, बॉलीबॉल, बास्केटबॉल जैसे खेलों के साथ अन्य इंडोर खेलों का भी आयोजन किया जा सकेगा।
जनजातीय विरासत / संस्कृति के संरक्षण हेतु लगभग 18.00 करोड़ की लागत से संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। दुमका के छात्रों एवं युवकों में विज्ञान एवं खगोल शास्त्र के प्रति अभिरूचि पैदा करने के उद्देश्य से लगभग 9.06 करोड़ की लागत से साईंस सेन्टर का निर्माण कराया जा रहा है।
दुमका जिला में सिंचाई की सुविधा सशक्त करने हेतु मसलिया-रानेश्वर मेगा लिफ्ट परियोजना कार्य अंतर्गत रु० 1313.25 करोड़ के लागत से मुरगुनी ग्राम के निकट सिधेश्वरी नदी पर एक बराज का निर्माण प्रगति पर है जिसके माध्यम से रानेश्वर प्रखंड के चार पंचायतों एवं मसलिया प्रखंड के 15 पंचायतों के कुल 22325 हे० भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। 90% कार्य पूर्ण हो चूका है, जल्द ही लगभग 6600 हे० भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। मयूराक्षी बायां तट नहर के पाटजोर, हरिपुर एवं रानेश्वर वितरनी का लाईनिंग कार्य में लगभग 35.31 करोड के लागत से नहर के पक्कीकरण का कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण होने के उपरान्त सिंचाई क्षमता 1394 हे० से बढ़ कर 4774 हे० हो जाएगी।
आइए आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर संकल्प लें कि हम अपने महान संविधान के आदर्शों को जीवन में उतारेंगे। अपनी सृजनात्मकता एवं ऊर्जावान प्रयास से माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड के नेतृत्व में दुमका जिला को प्रगति के पथ पर अग्रसर करेंगे तथा एक मजबूत, समृद्ध एवं न्यायसंगत समाज का निर्माण करेंगे। अंत में एक बार पुनः मैं आप सभी दुमकावासी एवं झारखंडवासी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही परेड में शामिल जवानों एवं प्यारे बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से बधाई देता हूं।
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