
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य परीक्षा में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा अपनाए गए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले की तकनीकी जांच का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने बीआईटी मेसरा को मामले में प्रतिवादी बनाते हुए रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि आयोग का नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला उचित है या नहीं और परीक्षा परिणाम तैयार करने में उसका सही तरीके से इस्तेमाल किया गया है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
अदालत ने जेएसएससी के सचिव को निर्देश दिया है कि यदि बीआईटी मेसरा आयोग से किसी अधिकारी या तकनीकी सहयोग की मांग करता है, तो आयोग अपने अधिकारी को संस्थान भेजकर सहयोग सुनिश्चित करे।
करीब 100 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
याचिकाकर्ताओं ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि अलग-अलग पालियों में आयोजित परीक्षा के अंकों के सामान्यीकरण से अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और मेरिट प्रभावित हो सकते हैं।
इसी आधार पर नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले और उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। प्रार्थी गिरधर प्रसाद रावत समेत करीब 100 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जा रही है।
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