
Ranchi : झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में तकनीकी और प्रबंधन पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। समारोह में कुल आठ विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें पांच स्वर्ण पदक बीआईटी सिंदरी के विद्यार्थियों ने हासिल किए।
बीआईटी सिंदरी की प्रीति कुमारी, आलोक रंजन, आरती कुमारी, शालिनी भारद्वाज और अविनाश कुमार को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए गोल्ड मेडल मिला। वहीं, जेयूटी के मुख्य परिसर नामकुम के एमटेक एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी राहुल कुमार और चंद्रकांत कुमार को भी स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आठवें गोल्ड मेडल के प्राप्तकर्ता की जानकारी संबंधित पाठ्यक्रम के आधार पर समारोह में दी गई।
चार बीटेक और चार एमटेक-एमबीए विद्यार्थी सम्मानित
जेयूटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में कुल आठ टॉपरों को स्वर्ण पदक दिया गया। इनमें चार बीटेक और चार एमटेक व एमबीए स्तर के विद्यार्थी शामिल रहे। सभी विद्यार्थियों को उनकी संबंधित डिग्रियां भी प्रदान की गईं।
नामकुम स्थित सिरखा टोली परिसर के सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता जेयूटी के कुलपति प्रो. डीके सिंह ने की। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार समारोह के मुख्य अतिथि रहे। सेल, बोकारो के निदेशक प्रिय रंजन और डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. प्रभात रंजन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
तकनीक को समाज की जरूरतों से जोड़ने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना या नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से नए अवसर और रोजगार पैदा करने की दिशा में भी काम करना चाहिए।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और डीपफेक जैसी चुनौतियों के बीच तकनीकी दक्षता के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने जेयूटी के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं से झारखंड की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने जल, ऊर्जा, खनन, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा, “बड़ी डिग्री से बड़ा जीवन नहीं बनता, बड़ा उद्देश्य जीवन को बड़ा बनाता है।

