
Bokaro : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बोकारो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले में पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर थाना कांड संख्या 8/2026 के तहत की गई है। 13 मार्च 2026 को गोमिया थाना क्षेत्र की एक महिला ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताया और महिला को उसके पति के पाकिस्तान खाते से 300 करोड़ रुपये आने की बात कही।
आरोपियों ने महिला को बताया कि इस रकम के एवज में 16 लाख रुपये कमीशन मिला है। इसके बाद जांच और गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी गई। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके से दबाव बनाकर महिला से कुल 4 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगरा में छापेमारी
मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बोकारो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी सह थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के आगरा में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 वर्षीय रवि कुमार और 21 वर्षीय ऋतिक कुशवाहा को गिरफ्तार किया। रवि कुमार आगरा के हरिपर्वत थाना क्षेत्र के नगला हरमुख का रहने वाला है, जबकि ऋतिक कुशवाहा खेरागढ़ थाना क्षेत्र के खेड़ा मोहल्ला निवासी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से आई फोन 15 और नथिंग फोन (3 ए) बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइल फोन में साइबर ठगी में पैसों के लेन-देन से जुड़े ऑडियो और मैसेज के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों और ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही।

