
नई दिल्ली : झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (जेपीएससी) और सीजीएल में कथित गड़बड़ी और धांधली की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी। सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए दूसरी पीठ में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
इससे पहले की सुनवाई में कई पक्षों ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। वहीं, प्रार्थी की ओर से कहा गया था कि अदालत के पूर्व आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक जवाब दाखिल नहीं किया है।
सीबीआई जांच की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने जनहित याचिका दायर कर जेपीएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है।
इस मामले में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से भी दो हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनके माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं को अदालत के समक्ष रखा गया है।
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