खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले में एक शिव मंदिर से भगवान गणेश की संगमरमर की प्रतिमा और पीतल से बने शेषनाग चोरी होने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों के आक्रोश व मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
होली की शाम तक होती रही थी पूजा
जानकारी के अनुसार यह घटना खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र में स्थित गोविंदपुर के पास कारो नदी तट पर बने एक प्राचीन शिव मंदिर में हुई। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार शाम तक मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती रही। शाम लगभग सात बजे तक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे और उस समय तक मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा और पीतल के शेषनाग सुरक्षित थे।
सुबह श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने पर चोरी का पता चला
गुरुवार सुबह जब ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि भगवान गणेश की संगमरमर की प्रतिमा और मंदिर में स्थापित पीतल का शेषनाग गायब है। मंदिर परिसर से धार्मिक प्रतीकों की चोरी की जानकारी मिलते ही गांव में तेजी से खबर फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मंदिर के पास पहुंच गए। धार्मिक स्थल से मूर्ति चोरी की इस घटना ने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है। ग्रामीणों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि मंदिर से धार्मिक प्रतिमा की चोरी क्षेत्र की आस्था पर चोट पहुंचाने वाली घटना है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। जरियागढ़ थाना प्रभारी बीरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंचे और वहां मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर माहौल शांत कराया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में तोरपा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस घटना के पीछे शरारती तत्वों का हाथ हो सकता है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और संभावित संदिग्धों की पहचान की जा रही है। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने दिया भरोसा, बढ़ाई निगरानी
पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मंदिर से चोरी हुई धार्मिक वस्तुओं को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

