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दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देशों की रैंकिंग लिस्ट से India बाहर, जानें अमेरिका और चीन किस स्थान पर

by Neha Verma
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हैदराबाद: प्रतिष्ठित फोर्ब्स पत्रिका ने 2025 के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की सूची जारी कर दी है। इस वर्ष की रैंकिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने अपनी स्थिति कायम रखते हुए पहले स्थान पर कब्जा किया है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर है। दिलचस्प बात यह है कि भारत, जो पिछले कुछ वर्षों में इस सूची के टॉप 10 देशों में शामिल होता था, इस बार 12वें स्थान पर खिसक गया है।

यह सूची दुनिया भर के देशों की सैन्य ताकत, आर्थिक प्रभाव, राजनीतिक शक्ति, वैश्विक गठबंधन और नेतृत्व क्षमता के आधार पर तैयार की गई है। फोर्ब्स की यह रैंकिंग व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर डेविड रीबस्टीन और BAV Group के शोधकर्ताओं ने मिलकर तैयार की है, और इस अध्ययन को US News & World Report के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है।

2025 के सबसे ताकतवर देशों की सूची

फोर्ब्स द्वारा जारी की गई सूची में पहले 10 देशों की रैंकिंग इस प्रकार है:

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): यह देश अपनी राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक ताकत के कारण पहले स्थान पर बना हुआ है। अमेरिका का वैश्विक प्रभाव अब भी सबसे मजबूत है।

चीन: दूसरे स्थान पर चीन है, जो अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था, बड़ी जनसंख्या और सैन्य ताकत के लिए प्रसिद्ध है। चीन वैश्विक स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

रूस: सैन्य शक्ति और वैश्विक राजनीति में रूस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह तीसरे स्थान पर है।

जर्मनी: यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, जर्मनी का राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है।

ब्रिटेन: ब्रिटेन का भी वैश्विक प्रभाव बहुत अधिक है, खासकर उसकी कूटनीतिक और सैन्य ताकत के कारण।

फ्रांस: सैन्य शक्ति और कूटनीतिक संबंधों के कारण फ्रांस इस सूची में छठे स्थान पर है।

जापान: जापान की तकनीकी प्रगति और मजबूत अर्थव्यवस्था ने उसे इस सूची में ऊंचा स्थान दिलाया है।

भारत: भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन इस बार वह 12वें स्थान पर आ गया है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) $3.55 ट्रिलियन है, और उसकी जनसंख्या लगभग 1.43 बिलियन है। हालांकि भारत का आर्थिक प्रभाव बढ़ रहा है, फिर भी वह इस बार टॉप 10 में स्थान बनाने में विफल रहा।

सऊदी अरब: सऊदी अरब की आर्थिक ताकत, विशेषकर तेल उद्योग में उसकी प्रमुख भूमिका, उसे वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण बनाती है।

दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति ने उसे इस सूची में शीर्ष 10 में जगह दिलाई है।

भारत के लिए 2030 तक टॉप 10 में लौटने की उम्मीद

हालांकि भारत इस साल टॉप 10 में शामिल नहीं हो पाया, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से बढ़ रही है। अगर भारत अपने तकनीकी विकास को बढ़ाता है, बुनियादी ढांचे में सुधार करता है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करता है, तो भारत 2030 तक इस सूची में फिर से टॉप 10 में जगह बना सकता है।

फोर्ब्स की रैंकिंग का मानदंड

फोर्ब्स के इस रैंकिंग मॉडल के लिए बीएवी ग्रुप (BAV Group) ने एक व्यापक शोध कार्य किया है, जो वैश्विक मार्केटिंग कम्युनिकेशंस कंपनी डब्ल्यूपीपी (WPP) का एक हिस्सा है। पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर डेविड रीबस्टीन के नेतृत्व में एक शोध टीम ने इस रैंकिंग को तैयार किया। इस सूची में देशों को उनके नेतृत्व क्षमता, आर्थिक प्रभाव, राजनीतिक प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों और सैन्य ताकत के आधार पर स्थान दिया गया है।

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