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भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर बढ़ता तनाव: भारत ने बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर को तलब किया

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर तनाव इस समय एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। हाल ही में भारत सरकार ने बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त, नूरल इस्लाम को तलब किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते सीमा विवाद के संदर्भ में उठाया गया। यह घटनाक्रम बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय द्वारा भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किए जाने के अगले दिन हुआ है। बांग्लादेश ने आरोप लगाया था कि भारत सीमा पर बाड़ लगाने की कोशिश कर रहा है, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन हो सकता है।

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर तनाव की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि भारत पांच स्थानों पर बाड़ लगाने का प्रयास कर रहा है। बांग्लादेश का कहना है कि यह कदम द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करता है, जो दोनों देशों के बीच 1975 से चले आ रहे हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया।

बांग्लादेश के आंतरिक मामलों के सलाहकार, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी के अनुसार, विवाद मुख्य रूप से पांच क्षेत्रों में उत्पन्न हुआ है। इन क्षेत्रों में चपैनवाबगंज, नौगांव, लालमोनिरहाट और तीन बीघा कॉरिडोर शामिल हैं। बांग्लादेश का कहना है कि इन स्थानों पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य से सीमा पर स्थिति और बिगड़ सकती है।

भारत की स्थिति

भारत की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के आरोपों को खारिज नहीं किया है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना और अवैध प्रवासियों को नियंत्रित करना है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा से मुलाकात के बाद कहा कि बांग्लादेश सरकार को भारत की ओर से बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) की गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता है। विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन ने कहा कि बांग्लादेश सरकार भारत के साथ इस मामले पर गंभीरता से बातचीत करने के लिए तैयार है, ताकि सीमा पर शांति और सुरक्षा बनी रहे।

कूटनीतिक तनाव और संभावित समाधान:

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर तनाव का यह मामला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर भी असर डाल सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन इस तरह के सीमा विवादों से तनाव उत्पन्न हो सकता है। दोनों देशों के बीच एक मजबूत कूटनीतिक तंत्र मौजूद है, और इस तरह के विवादों को बातचीत और समझौतों के माध्यम से सुलझाने की संभावना है।

इस स्थिति में, दोनों देशों को आपसी समझ और विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि सीमा पर शांति बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। भारत और बांग्लादेश के नेतृत्व को इस विवाद का हल शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की दिशा में सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।

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