इंफाल: मणिपुर में जैसे ही कुछ शांति आती है और स्थिति सुधरने लगता है, तभी कुछ ऐसा हो जाता है कि सब कुछ पुन: खराब हो जाता है। अभी कुछ दिन से राज्य में स्थिति सामान्य थी। लेकिन जुलाई से लापता दो छात्रों के शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति फिर से बिगड़ गयी है।
राज्य में मोबाइल इंटरनेट डेटा सेवाएं, वीपीएन के माध्यम से इंटरनेट व डेटा सर्विस 1 अक्टूबर 2023 की शाम 7.45 तक सस्पेंड रहेगी। इधर, राज्य सरकार ने 27 सितंबर यानी बुधवार और 1 अक्टूबर तक सभी स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है। वहीं छात्रों के शव की तस्वीर सामने आने के बाद राज्य के मैतई बहुल हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

हत्या के विरोध में प्रदर्शन, 34 घायल
बता दें कि जाम लिनथोइनगांबी और फिजाम हेमजीत, दोनों छात्र पिछले दो महीनों से लापता थे। अब उनके शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसके बाद दोनों नाबालिग की हत्या के विरोध में फिर से हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। मंगलवार 26 सितंबर को सैकड़ों छात्र हत्याओं के विरोध में सड़कों पर उतर गए उन्होंने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया। प्रदर्शन कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और धुआं बम छोड़े। इस झड़प में 34 छात्र घायल हो गए।
दोनों छात्र की हत्या की जांच CBI को सौंपी
इधर, मणिपुर सरकार ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि अधिकारियों को दोनों छात्रों के अपहरण और हत्या की जांच करने को कहा। 25 सितंबर की देर रात, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सचिवालय द्वारा जारी एक बयान में, राज्य सरकार ने कहा कि मामला पहले ही CBI को सौंप दिया गया और जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कुकी समुदाय से थे दोनों छात्र:
जिन दो युवकों का शव सोशल मीडिया में वायरल हुआ है उनकी पहचान फिजाम हेमजीत (20) और हिजाम लिनथोइनगांबी (17) के रूप में हुई। दोनों युवकों की हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छात्रों ने इंफाल पश्चिम जिले के उरीपोक, ओल्ड लाम्बुलाने, सिंगजामेई में भी रैलियां निकालीं। थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों से छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच इसी तरह की झड़प की सूचना मिली है।

