रांची : आईपीएल ऑक्शन 2026 झारखंड क्रिकेट के लिए यादगार साबित हुआ। इस बार राज्य के युवा खिलाड़ियों ने न सिर्फ ऑक्शन में जगह बनाई, बल्कि फ्रेंचाइजी की ओर से उन पर भरोसा भी जताया गया। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचे सुशांत मिश्रा और अमित कुमार झारखंड के क्रिकेट सपनों की नई पहचान बनकर उभरे हैं।
झारखंड के खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजी का भरोसा
आईपीएल 2026 की नीलामी में झारखंड के दो खिलाड़ियों को खरीदा गया। सुशांत मिश्रा को राजस्थान रॉयल्स ने 90 लाख रुपये में अपने खेमे में शामिल किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन और डेथ ओवर्स में प्रभावी गेंदबाजी के कारण वह टीमों की पसंद बने। वहीं अमित कुमार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपये में खरीदा। अमित ने सीमित ओवरों के घरेलू मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं और फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा था।
साधारण परिवार से आईपीएल तक का सफर
सुशांत मिश्रा और अमित कुमार दोनों ही सामान्य परिवारों से आते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया। यह कहानी झारखंड के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे मैदानों और स्थानीय टूर्नामेंट से आगे बढ़कर बड़े सपने देख रहे हैं।
आईपीएल 2026 ऑक्शन की बड़ी तस्वीर
आईपीएल ऑक्शन 2026 में कुल 77 खिलाड़ियों पर बोली लगी और फ्रेंचाइजी ने 215 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। इस बार युवा और अनकैप्ड खिलाड़ियों पर खास फोकस देखने को मिला। कई टीमों ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया। ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी के रूप में विदेशी सितारे चर्चा में रहे, लेकिन झारखंड जैसे राज्य से खिलाड़ियों का चुना जाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
झारखंड क्रिकेट के लिए क्यों अहम है यह ऑक्शन
झारखंड लंबे समय तक महेंद्र सिंह धोनी की वजह से पहचाना जाता रहा, लेकिन अब राज्य की पहचान केवल एक नाम तक सीमित नहीं है। रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में झारखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है।
आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी से राज्य में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग और युवाओं के आत्मविश्वास को नई दिशा मिलेगी।
युवाओं के लिए बड़ा संदेश
आईपीएल 2026 की नीलामी ने यह साफ कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या नाम की मोहताज नहीं होती। झारखंड के खिलाड़ी अगर निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में राज्य से और भी नाम आईपीएल और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं।
यह ऑक्शन झारखंड क्रिकेट के लिए सिर्फ एक शुरुआत है, मंजिल अभी बाकी है।

