रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स का विवादों से पुराना नाता रहा है। कभी अव्यवस्था को लेकर, तो कभी नियुक्ति को लेकर। एक बार फिर से रिम्स में नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी से लेकर अधिकारियों तक की गई है। वहीं मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। बता दें कि रिम्स में कई पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन 955-सी निकाला गया था। इसके बाद योग्यता के अनुसार लिस्ट जारी की गई थी।
जीबी से पास हुआ था एजेंडा
8 मार्च 2019 को 955-सी के तहत कई पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इसके बाद रिम्स की 49वीं जीबी (गवर्निंग बाॅडी) की 10 अक्टूबर 2020 को हुई बैठक में एजेंडा को पास कराया गया था। एजेंडा पास होने के बाद 20 अक्टूबर 2020 को ही फाइनल लिस्ट जारी हुई थी। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री को जांच कराने के लिए आवेदन दिया गया। स्क्रूटनी के लिए एक कमेटी का गठन 25 नवंबर को 2020 को किया गया। जांच में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लिस्ट में विरोधाभास दिख रहा है। इसके बाद 6 अप्रैल 2021 को 955-सी विज्ञापन को रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) की ओर से रद्द कर दिया गया।
हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका
विज्ञापन रद्द किए जाने के बाद कैंडिडेट्स ने हाईकोर्ट में 25 अगस्त 2021 याचिका दायर की। कोर्ट ने 9 जून 2022 को सोनी कुमारी के पत्र के आधार पर जारी रिम्स के पत्र को रद्द कर दिया। रिम्स की ओर से रिव्यू पिटीशन दायर किया गया। रिव्यू आर्डर के बाद 11 नवंबर 2022 को रिम्स ने याचिका वापस ले ली। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेश दिया कि जो पदाधिकारी गलत है, उन्हें चिह्नित करते हुए कार्रवाई करें। इसके साथ ही कहा कि लिस्ट में जिनके डॉक्यूमेंट सही हैं, इसकी जांच करते हुए उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाए।
लिस्ट में नए कैंडिडेट्स का नाम शामिल
डॉक्यूमेंट जांच कर नियुक्ति के आदेश के बाद रिम्स ने कोर्ट के आदेश के विरुद्ध बैक डोर से 155 नए लोगों का नाम लिस्ट में शामिल कर दिया। इसके लिए संविक्षा स्क्रूटनी कमेटी का गठन किया गया। वहीं तत्कालीन डायरेक्टर ने एक हफ्ते में इसकी रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन, मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस बीच 7 मार्च 2024 को डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने एक और लिस्ट जारी की। इसमें बीसी-1 और ओबीसी कैटेगरी को शामिल कर लिया, जबकि विज्ञापन में बीसी-1 और ओबीसी का कोई रिक्त पद ही नहीं था।
फाइनल लिस्ट में नही था नाम
20 अक्टूबर को 955-सी विज्ञापन के तहत कैंडिडेट्स की फाइनल लिस्ट जारी की गई थी। इसके बाद हाल में जारी की गई लिस्ट के आधार पर 6 लोगों को ज्वाइनिंग कराई गई, जबकि इनका नाम पहले जारी फाइनल लिस्ट में था ही नहीं। इनलोगों को नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया है। वहीं फाइनल लिस्ट में शामिल कैंडिडेट्स ने एक बार फिर से न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
कितने पोस्ट के लिए निकला था विज्ञापन
वार्ड अटेंडेंट 119
लैब अटेंडेंट 29
ट्रालीमैन 1
डोम 1
एमबाल्मर (डेड बॉडी रखने वाला) 1
हेड मेठ 1
सर्वेंट स्वीपर 2
बैकडोर से इनकी हुई ज्वाइनिंग
आलोक कुमार
कन्हैया प्रसाद
विदेश महली
सौरव कुमार
मनदीव कुमार ठाकुर
सुमित कुमार सिंह
इस मामले में रिम्स के पीआरओ डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि हॉस्पिटल के अलावा बाहर की टीम भी इस मामले की जांच कर रही है। अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई होगी। एक लिस्ट पहले निकाली गई थी। अब दूसरी लिस्ट निकाली गई है। कागजातों की जांच की जा रही है। डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन को लेकर सभी से एफिडेविट भी लिया जा रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने का निर्देश दिया है।
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