VIVEK SHARMA
रांची: राजधानी स्थित सदर हॉस्पिटल रांची आए दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। एक के बाद एक नई सुविधाएं मरीजों को दी जा रही है। अब एक नई सुविधा हॉस्पिटल में शुरू करने की तैयारी है। राज्य का यह पहला सरकारी हॉस्पिटल बनने जा रहा है जहां आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधा की शुरुआत करने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही ये सुविधा सदर में मिलने लगेगी। इससे उन कपल्स को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से प्राइवेट क्लीनिकों की महंगी सेवाएं नहीं ले पा रहे थे।
प्राइवेट में आता है लाखों का खर्च
सदर हॉस्पिटल में आईवीएफ की सुविधा मिलने से लोगों को बेहद कम दरों पर यह उपचार उपलब्ध होगा। जहां निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में एक आईवीएफ प्रक्रिया का खर्च लगभग 5 लाख से 10 लाख रुपये तक होता है, वहीं सरकारी स्तर पर यह सुविधा काफी सस्ती दरों पर दी जाएगी। इससे मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा।
मैटरनिटी वार्ड है सदर का आधार
यह कदम न सिर्फ राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देगा, बल्कि उन महिलाओं और दंपत्तियों के लिए भी आशा की किरण साबित होगा जो वर्षों से इलाज की आस में भटक रहे थे। जानकारी के अनुसार सदर हॉस्पिटल में पहले से ही मैटरनिटी से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक है। हॉस्पिटल की ओपीडी में हर दिन लगभग 1500 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की होती है। ऐसे में यहां आईवीएफ सुविधा की शुरुआत को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इसे एक अहम और जरूरी फैसला बताया है।
तैयार की जाएगी एक्सपर्ट की टीम
सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि आईवीएफ यूनिट की स्थापना के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे और प्रशिक्षित डॉक्टरों और तकनीशियनों की टीम तैयार की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होते ही यूनिट को आम मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस सुविधा से न केवल राजधानी के मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले दंपत्ति भी इससे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में भरोसा बढ़ेगा और महंगे इलाज की दौड़ से आम लोगों को राहत मिलेगी।

