Jamshedpur News : झारखंड कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए रायशुमारी प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) के पर्यवेक्षक और गुजरात के विधायक अनंत पटेल तथा प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) के पर्यवेक्षक एवं झारखंड सरकार के मंत्री राधा कृष्ण किशोर जमशेदपुर पहुंचे। उनके साथ जिला प्रभारी बलजीत सिंह बेदी और सुंदरी तिर्की भी उपस्थित रहीं।

आनंद का दावा है सबसे मजबूत
कहा जा रहा है कि आनंद बिहारी दुबे ने भी जिलाध्यक्ष पद के लिए एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश कर दी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इस जिले में अपना जिलाध्यक्ष बदलने के मूड में नहीं है। प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि आनंद बिहारी दुबे ने बेहतर काम किया है। जिले में कांग्रेस के संगठन को मजबूत बना दिया गया है। जिले से लेकर गांव तक कांग्रेस का संगठन मजबूत हो गया है। मजबूत बूथ कमेटियां बनाई गई हैं। पंचायत स्तर पर भी कांग्रेस की समितियां बन गई हैं। इस वजह से इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए आनंद बिहारी दुबे का दावा मजबूत माना जा रहा है। प्रदेश के कई वरिष्ठ मंत्री भी आनंद बिहारी दुबे के पक्ष में हैं।
रईस रिजवी ने दिया फिरोज खान को समर्थन
इस दौरान तिलक पुस्तकालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए अब तक छह नेताओं ने दावेदारी जताई है, जिनमें मानगो के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फिरोज खान व मौलाना अंसार खान का नाम भी शामिल है। झारखंड के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस रिजवी छब्बन और उनकी टीम के अफसर इमाम आदि ने फिरोज खान का समर्थन किया है। इसके अलावा, मानगो के कांग्रेसी नेता अजय सिंह ने भी फिरोज खान का समर्थन किया है।
पारितोष सिंह की है बेदाग इमेज
सूत्र बताते हैं कि अगर इस बार कांग्रेस इस पद के लिए आनंद बिहारी दुबे को दुबारा जिलाध्यक्ष नहीं बनाती तो फिरोज खान की किस्मत खुल सकती है। इसके अलावा, ज्योति यादव, अखिलेश यादव, विजय यादव, पारितोष सिंह आदि ने भी अपना दावा पेश किया है। कुछ कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि अगर आनंद बिहारी दुबे रिपीट नहीं किए गए तो पारितोष सिंह की बेहतर छवि कमाल कर सकती है। वह भी जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में आगे चलने वालों में शामिल हैं। पर्यवेक्षकों की टीम जिले के वरिष्ठ नेताओं, ब्लॉक और मंडल कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रही है। पांच नेताओं के नामों की सूची गांधी को भेजा जाएगा। इसके बाद जिलाध्यक्ष के नामों की घोषणा दिल्ली से की जाएगी।
14 सितंबर तक दिल्ली भेजे जाएंगे 5 नाम
अनंत पटेल ने कहा कि संगठन मजबूत करने के लिए ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो संघर्षशील हों और हर वर्ग अल्पसंख्यक, ओबीसी, जनरल की पसंद हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादित छवि वाले किसी नेता का नाम सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। टीम ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक लेगी। 10 सितंबर को टीम फिर से झारखंड लौटेगी और अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 14 सितंबर तक सूची दिल्ली भेजी जाएगी।

