जमशेदपुर : केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदल कर जी राम जी कर दिया है। इसके खिलाफ कांग्रेसियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। जमशेदपुर में सोमवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में डीसी ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया है। इसके बाद, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया गया है।
इस ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा की केंद्र सरकार महापुरुषों के नाम पर चल रही योजनाओं का नाम बदल रही है। मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका विरोध होगा। कांग्रेसियों ने मांग की है कि मनरेगा का नाम वही रखा जाए और इसमें से महात्मा गांधी के नाम को नहीं हटाया जाए।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने ग्रामीण जनता को रोजगार देने का वादा किया था। इसके बाद मनरेगा कानून बनाया गया था। इसमें ग्रामीणों को 100 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान है। अब इस के नियमों को भी बदल कर अपने सहयोगियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीणों का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसी का विरोध करती है।
परविंदर सिंह ने भाजपा की केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि गुजरात में जो स्टेडियम सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर बना था, उसका नाम बदल दिया गया है। प्रधानमंत्री पर हिटलरशाही का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कांग्रेसी आमबगान मैदान में जुटे और वहां से साकची स्थित डीसी ऑफिस तक एक जुलूस निकाला। इसके बाद डीसी ऑफिस के सामने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। कांग्रेसी नारा लगा रहे थे- महापुरुषों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।

