Jamshedpur : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में आरोपी स्कूली वैन चालक मन्नू को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालन समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में वाहन चालक बिरसानगर थाना पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।

पुलिस ने स्कूली वाहन चालकों को समझाया कि बच्ची की मेडिकल जांच कराई गई है। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इसी के बाद आरोपी चालक को जेल भेजा गया है।
प्रदर्शन कर रहे समिति के सदस्यों का आरोप है कि पुलिस ने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच किए बिना जल्दबाजी में कार्रवाई की है। चालकों को आशंका है कि आरोपी को फंसाया गया है। गौरतलब है कि अब स्कूली वैन चालकों को लग रहा है कि इस तरह की हरकतों से उनका धंधा चौपट हो सकता है। इस वजह से वह प्रदर्शन कर समाज में यह संदेश देना चाहते हैं कि चालक बेकसूर है। जबकि, पुलिस की जांच में वह दोषी पाया गया है।
विरोध के दौरान थाना परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और भरोसा दिलाया कि कानून के तहत निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।
इधर, इस घटना के बाद शहर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्कूल परिवहन व्यवस्था में सख्त निगरानी तंत्र लागू करने की मांग उठाई है।
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