Jamshedpur : फारस की खाड़ी के उथल-पुथल भरे समुद्री इलाके में, जहां रात के सन्नाटे को ड्रोन और मिसाइलों की आवाजें चीरती हैं, वहां जमशेदपुर का एक जांबाज अपने हिम्मत की मिसाल पेश कर रहा है।मानगो के रहने वाले कैप्टन मनीष कुमार इस समय केमिकल टैंकर ‘एमटी बो टाइगर’ की कमान संभाले हुए हैं।
यह जहाज सामान्य नहीं, बल्कि मेथेनॉल जैसे अत्यंत ज्वलनशील रसायनों से भरा ये “तैरता बारूद” है, जो किसी भी हमले की स्थिति में भयंकर हादसे में बदल सकता है।युद्ध जैसे हालात के बीच, जहां सऊदी अरब की रिफाइनरियों पर हमलों की खबरें आम हो चुकी हैं, वहां इस जहाज का संचालन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। कैप्टन मनीष ने खुद आसमान में ड्रोन इंटरसेप्शन के दृश्य देखे हैं, जिससे हर पल खतरे का अंदेशा बना रहता है।

इस जहाज पर कुल 23 भारतीय क्रू मेंबर्स मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी मनीष के कंधों पर है। वे न सिर्फ जहाज को सुरक्षित दिशा दे रहे हैं, बल्कि अपने साथियों का मनोबल भी बनाए हुए हैं। राहत की बात यह है कि जहाज पर खाने-पीने और अन्य जरूरी संसाधनों की कोई कमी नहीं है और कंपनी का पूरा सहयोग मिल रहा है।
मानगो के आशियाना अनंतारा निवासी मनीष कुमार का सपना बचपन से ही समुद्र और दुनिया घूमने का था। पढ़ाई के बाद उन्होंने मर्चेंट नेवी जॉइन की और आज वे एक अनुभवी कैप्टन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।परिवार से दूर, खतरे के बीच डटे मनीष जब भी वक्त मिलता है, अपनों की तस्वीर देखकर खुद को मजबूत करते हैं। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए पूरा जमशेदपुर दुआ कर रहा है। फिलहाल वे अपने दल के साथ सुरक्षित हैं और पूरी सतर्कता के साथ कर्तव्य निभा रहे हैं।

