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JAMSHEDPUR : टाटा जू में मगरमच्छ,शेर व बाघ के लिए बहुत जल्द बनकर नए बाड़े हो जायेंगे तैयार

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर: पशु प्रेमियों के लिए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क द्वारा जू को और आकर्षक बनाया जा रहा है| आने वाले कुछ ही दिनों में  टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बहुत कुछ नया देखने को मिलेंगे| यह बदलाव पशु प्रेमियों को बहुत आकर्षित करेगा| आगामी दिनों में टाटा स्टील द्वारा मगरमच्छ शेर व बाघ के लिए एक बड़े बाड़े का निर्माण करने जा रही है| फिलहाल  मगरमच्छ के एक विशाल व बड़े तालाब का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो लगभग2 महीनें में बनकर तैयार हो जायेगा| दर्जनों की संख्या में मजदूर लगातार काम कर रहे है| पशु प्रेमियों की सुविधा के लिए इस बाड़े के लिए नए रास्ते भी बनाये जा रहे है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो सके| वर्तमान में यह काम दूसरे चरण में चल रहा है| पहले चरण में क्रोकोडाइल के बाड़े के लिए विशाल व गहरे तालाब की खुदाई की जा चुकी है जिसका पक्कीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है| मजदूर  और जेसीबी से लगातार काम चल रहा है| जू प्रबंधन हर हाल में बरसात के पहले इसका निर्माण कार्य पूरा करना चाहती है |फिलहाल क्रोकोडाइल वहीं पुराने स्थान पर ही है|  यह काम टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क कायाकल्प का काम नव वर्ष लगातार चल रहा है| यह काम जानवरों के सुरक्षा की दृष्टि से की जा रही है| क्योंकि पिछले वर्ष नदी में बाढ़ आ जाने से मगर, शेर व बाघ जैसे जानवरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था| उनकी जान माल की रक्षा के लिए टाटा स्टील द्वारा यह कदम उठाया गया है| इसके अलावे शेर और बाघ के वर्तमान बाड़े के नज़दीक सड़कों से काफी शोर व वाहनों के तेज आवाज आते है, ऐसे में इन वन्य प्राणियों को काफी प्रभावित होते है| इन्हें वन्य के अनुकूल बाड़े बनाने के लिए जू प्रबंधन लगातार काम कर रही है|

– जू के नए स्वरूप से पशु प्रेमियों में बढ़ा  आकर्षण

जूलॉजिकल पार्क का स्वरूप पहले से अब बहुत कुछ बदल चुका है| टाटा स्टील इस पार्क को राष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहती है| 2023  के शुरू में ही टाटा स्टील ने जैव विविधता के संरक्षण

के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्टील सिटी के निवासियों को पुनर्निर्मित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क समर्पित किया था| उस दौरान टाटा स्टील के सीईओ व टीवी नरेंद्रन, टाटा स्टील जूलॉजिकल सोसाइटी (TSZS) यूनियन के अध्यक्ष, चाणक्य चौधरी उपस्थित थे| उस दौरान

चिड़ियाघर के एंट्रेंस व ‘पुनर्निर्मित’ पार्क का उद्घाटन भी किया गया था|

जू के नए एंट्रेंस बन जाने से दर्शकों को चिड़ियाघर में आने के लिए अलग मार्ग से आना पड़ रहा है|

– जू में पशु प्रेमियों के लिए कई सुविधा उपलब्ध

जू प्रबंधन द्वारा आमजनो के लिए अपने चार और दोपहिया वाहनों को पार्क करने की सुविधा के साथ सुरक्षित निकास की सुविधा दी गई है। इसमें अतिरिक्त रूप से चार्जिंग स्टेशनों के साथ स्मारिका ई-कार्ट, दुकान की सुविधा है| वहीं जू कर्मचारियों के लिए  चेंजिंग रूम,रेस्ट रूम, एवी रूम, ई-टिकटिंग सुविधा, सीसीटीवी सर्विलांस आदि सुविधा है| इसके अलावे जू के एंट्रेंस द्वार के पास ही एक सुंदर फाउंटेन पार्क देखने को मिलता है जो दर्शकों को खूब लुभाती है|

-टाटा स्टील द्वारा 1992 में जू को शहरवासियों को किया था समर्पित

टाटा स्टील द्वारा अपने शहर वासियों के को 1992 में जूलॉजिकल पार्क का उपहार दिया था| ताकि यहाँ के लोग देश विदेश के जंगली जानवरों को देख सके | साथ ही शहर वासियों में जैव विविधता संरक्षण की जागरूकता बढ़ सके| जू का निर्माण लगभग 30 वर्ष पूरे हो चुके है, तब से बहुत कुछ पार्क में बदलाव आ चुका है| टाटा स्टील  ने वनों और वन्य जीवन के संरक्षण की आवश्यकता पर लोगों की जागरूकता बढ़ाने के प्रयास लगातार करता आ रहा है| जू के निर्माण की  अवधारणा लोगों को वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए किया गया था|  प्रति वर्ष चिड़ियाघर में औसतन 4 लाख से अधिक पशुप्रेमि आते है|जू जमशेदपुर के प्रमुख  आकर्षणों में से एक है।

-जू के मुख्य आकर्षण

घड़ियाल, मगर, सांप,  भालू ,ग्रे लंगूर; बोनट मकाक; रीसस मकाक और मैनड्रिल्स।

शेर, बाघ और तेंदुआ और लकड़बग्घे,

हॉग हिरण; सांभर और चित्तीदार हिरण, ब्लैकबक,नीलगाय आदि है| इसके अलावे पुस्तकालय और संग्रहालय, जानवरों के चिकित्सा के लिए अल्ट्रासाउंड; पैथोलॉजि, पशु पोषण प्रयोगशाला,  सर्जिकल रूम आदि की सुविधा है|

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