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Jamshedpur News : 30 हजार किताबों की क्षमता वाली दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी का हुआ उद्धाटन, जानें और क्या रहेंगी सुविधाएं

डीसी ने कर दिया पुस्तकालय का उद्धाटन, 20 लोग यहां बैठ कर पढ़ सकते हैं पुस्तकें, इस लाइब्रेरी को संचालित करने के लिए पांच अधिकारियों की एक टीम बना दी गई है। यह टीम इस लाइब्रेरी की गतिविधियों पर नजर रखेगी।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : किताबें पढ़ने के शौकीन लोगों के लिए खुशखबरी है। जमशेदपुर के साकची में बुधवार को जेएनएसी की दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी का उद्धाटन हो गया है। डीसी कर्ण सत्यार्थी ने इसका उद्धाटन किया। इस लाइब्रेरी में 30 हजार किताबें रहेंगी। अभी यहां आठ हजार किताबें हैं। 20 लोग यहां बैठ कर किताबें पढ़ सकेंगे। इन किताबों में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, साइंस आदि के अलावा जनरल नॉलेज और बड़े-बड़े लेखकों की किताबें शामिल रहेंगी।

जमशेदपुर में पहले ही पुस्तकालयों की संख्या बेहद कम थी। साकची में जेएनएसी की डीएम लाइब्रेरी के अलावा, बिष्टुपुर में मुस्लिम लाइब्रेरी है। मुस्लिम लाइब्रेरी में किताबों की संख्या अब बेहद कम हो गई है। यहां जो पुरानी किताबें हैं उसी से काम चलाया जा रहा है। इस लाइब्रेरी का अब व्यवसायिक उपयोग ही रह गया है। मुस्लिम लाइब्रेरी में सेल लगाई जा रही हैं। डीएम लाइब्रेरी भी कुछ साल पहले बंद कर दी गई थी। यहां पहले से ही किताबों की संख्या बेहद कम हो गई थी। बाद में इस लाइब्रेरी का सरकार ने पुनर्निर्माण कराया। अब इसकी भव्य इमारत बन गई है। इसके बाद इसका नाम बदल दिया गया है। इसे डीएम लाइब्रेरी की जगह दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी नाम दिया गया है। यहां नई किताबें आई हैं। शहर के लोगों ने भी कई किताबों का योगदान दिया है।

डीएम लाईब्रेरी के उद्धाटन के मौके पर डीसी ने कहा कि इस लाईब्रेरी से छात्र-छात्राओं को पढ़ने की सामग्री मिलेगी। यही नहीं, प्रतियोगी छात्राओं के लिए भी यहां कई पत्रिकाएं और किताबें होंगी। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। भविष्य में सरकार यहां किताबों की संख्या और बढ़ाएगी। सुविधाओं में भी इजाफा होगा। यही नहीं, यहां निरंतर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। यहां बैठ कर छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं।

पांच अधिकारियों की टीम चलाएगी लाइब्रेरी

उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आने वाले लोग जो भी सुझाव देंगे उसके अनुसार इस लाइब्रेरी की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। डीसी ने बताया कि इस लाइब्रेरी को संचालित करने के लिए पांच अधिकारियों की एक टीम बना दी गई है। यह टीम इस लाइब्रेरी की गतिविधियों पर नजर रखेगी।

1924 में हुई थी शुरुआत

गौरतलब है कि डीएम लाइब्रेरी की स्थापना आजादी से पहले 1924 में टाटा स्टील ने की थी। बाद में 1948 में इसे पुस्तकालय को जेएनएसी के हैंडओवर कर दिया गया था। बाद में 2019 में इस लाइब्रेरी के पुनर्निर्माण का खाका तैयार किया गया। इसके बाद 12 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई गई है। बिल्डिंग तैयार होने के बाद पांच मई 2014 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस लाइब्रेरी का ऑनलाइन उद्धाटन किया था।

क्या हैं अन्य सुविधाएं

इस बिल्डिंग में एक बड़ा वातानुकूलित हाल है। इसमें बैठ कर छात्र किताबें पढ़ सकेंगे। यहां किताबों की एक दुकान, मल्टीपरपज हाल और एक एटीम भी है। यहां पार्किंग की भी सुविधा दी गई है। यहां एक कॉफी शाप भी है। यहां आप कॉफी की चुस्की लेते हुए किताबें पढ‍़ने का आनंद उठा सकेंगे।

पहली मंजिल पर – पार्किंग, लाइब्रेरी, रीडिंग रूम, दुकानें, शौचालय

दूसरी मंजिल पर – ई-लाइब्रेरी सह डिजिटल लाइब्रेरी, रीडिंग रूम व शौचालय

तीसरी मंजिल पर – व्यावसायिक उपयोग के लिए हॉल

चौथी मंजिल पर – व्यावसायिक उपयोग के लिए सभागार- कुल एरिया 22, 500 स्क्वायर फीट

– 9300 स्क्वायर फीट एरिया में बना है कुल भवन- भवन में दो लिफ्ट व दो सीढ़ी की सुविधा

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