Jamshedpur : जमशेदपुर में टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर राजनीति गरमा गई है। झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। मंच के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो ने डीसी कर्ण सत्यार्थी को ज्ञापन सौंपकर लीज प्रक्रिया में अनियमितता और रैयतों की अनदेखी का इल्ज़ाम लगाया है।

हर मोहन महतो का कहना है कि मरीन ड्राइव पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जिस जमीन पर जगन्नाथ मंदिर निर्माण का शिलान्यास करेंगी। वह रैयत हेम महतो की है। यह दो एकड़ 9 डिसमिल जमीन है। इसे पहले अधिग्रहित किया गया था। लेकिन बाद में टाटा लीज से बाहर कर दिया गया। हर मोहन महतो का कहना है कि नियमानुसार अगर जमीन का इस्तेमाल नहीं होता है। तो इसे रैयत को लौटा देना चाहिए। लेकिन नियमों का उल्लंघन हो रहा है। रैयतों को जमीन न लौटा कर इसे ₹1 में जगन्नाथ मंदिर बनाने के लिए दे दिया गया है।
उन्होंने कहा कि टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण के दौरान मूल रैयतों और विस्थापित परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। कई परिवार कई साल से अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर रैयतों और विस्थापितों को उनका संवैधानिक और वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

