Jamshedpur : रमजान का चांद आज नजर आ सकता है। इमारत-ए-शरिया ने लोगों से अपील की है कि वह शाम को चांद का दीदार करें। चांद दिख जाने के बाद इसकी जानकारी इमारत-ए-शरिया को दें। अगर आज चांद नजर आता है तो गुरुवार 19 फरवरी को पहला रोजा होगा। यह भी हो सकता है कि चांद आज नजर ना आए। अगर आज चांद नजर नहीं आया तो फिर गुरुवार को यह निश्चित तौर पर नजर आएगा और शुक्रवार से रोजे शुरू होंगे।

क्या है चांद का फंडा
महीने की शुरुआत में चांद 29 या 30 तारीख को नजर आता है। अगर चांद 29 तारीख को दिख गया तो उसके बाद अगला दिन महीने की पहली तारीख होती है। अगर 29 तारीख को चांद नहीं दिखा तो 30 तारीख को चांद होना तय होता है। आज शाबान महीने की 29 तारीख है। इसीलिए रमजान का चांद दिखने का इमकान है। उलेमा ने लोगों से अपील की है कि वह शाम को मगरिब की नमाज के आसपास चांद देखने की कोशिश करें। अगर चांद नजर आता है तो अपने नजदीक की मस्जिद के पेश इमाम, इमारत-ए-शरिया और मदरसा फैजुल उलूम में इसकी सूचना दें।
प्रकृति का निजाम सऊदी फंडे से अलग
गौरतलब है कि सऊदी अरब में मंगलवार को रमजान का चांद दिख गया है। वहां बुधवार को आज रमजान की पहली तारीख है। सऊदी अरब के इलाके में बुधवार से रोजे शुरू हो गए हैं। अमूमन यह माना जाता है कि सऊदी अरब में चांद दिखने के एक दिन बाद भारत में चांद दिखता है। इसलिए लोग इस बात को पक्का मान रहे हैं कि आज बुधवार 18 फरवरी को चांद हर हाल में नजर आ जाएगा। लेकिन सिर्फ यह कयासआराई है। प्रकृति का निजाम इससे अलग है। प्रकृति के निजाम के हिसाब से 29 तारीख को चांद दिखने की संभावना रहती है। अगर 29 तारीख को चांद नजर नहीं आया तो अगले दिन 30 को चांद यकीनन नजर आ जाता है।
रमजान की तैयारी जोर-जोर से शुरू
जमशेदपुर और आसपास के शहरों में रमजान की तैयारी जोर-जोर से शुरू है। लोग बाजारों में नजर आ रहे हैं। सहरी और इफ्तार का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए लोग सूतफेनी, डबल रोटी, बेकरी के आइटम, पापड़, फल, ड्राई फ्रूट आदि की खरीदारी में जुटे हुए हैं। रमजान की पहली तारीख से मस्जिदें आबाद हो जाएंगी। लोग इसके लिए जा-ए-नमाज, टोपी आदि की खरीद कर रहे हैं। लोग नई टोपियां और जा-ए-नमाज लेकर मस्जिद पहुंचेंगे। मस्जिदों में भीड़ होने की वजह से बाहर गेट तक जमात खड़ी होती है और अक्सर कालीन वगैरह का वहां इंतजाम नहीं होता। इसीलिए लोग जा-ए-नमाज खरीदते हैं। इसके अलावा मिस्वाक और इतर भी खरीदा जा रहा है।
हर तरफ रहेगी कुरान-ए-पाक की गूंज
रमजान के महीने में एक तारीख से कुरआने पाक की तिलावत शुरू हो जाएगी। घर-घर में सभी लोग कुरआन पाक की तिलावत करेंगे। कुरआन के 30 पारे होते हैं। अमूमन लोग एक दिन में एक पारे की तिलावत करते हैं। इस तरह 30 दिन तक कुरआने पाक की तिलावत पूरी कर ली जाती है। कुछ लोग एक दिन में दो कुरआन खत्म कर लेते हैं।
चांद दिखने के साथ ही शुरू हो जाएगा तरावीह का दौर
तरावीह का दौर चांद दिखने के साथ ही शुरू हो जाएगा। जमशेदपुर की लगभग सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ाई जाएगी। इसमें हुसैनी मस्जिद, बड़ी मस्जिद, साकची की गौशाला मस्जिद, साकची बड़ी मस्जिद, धतकीडीह बड़ी मस्जिद, धतकीडीह मक्का मस्जिद समेत सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ाई जाएगी। तरावीह की नमाज 30 दिन चलती है। तरावीह के आखिरी दिन खत्म तरावीह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। तरावीह की नमाज एशा की नमाज के बाद शुरू होती है। कुछ लोग जो बिजनेस आदि में व्यस्त रहते हैं, वह तीन दिन, 5 दिन, 7 दिन और 10 दिन आदि की तरावीह पढ़ते हैं। ऐसी तरावीह का भी जगह-जगह पर इंतजाम किया जाता है। तरावीह की नमाज में कुरआन की तिलावत होती है।
कोट
रमजान अल्लाह का महीना है रमजान का महीना इंशाल्लाह गुरुवार से शुरू हो रहा है। सभी लोग रोज रखें। नमाजें पढ़ें। तरावीह की नमाज अदा करें और अपने अल्लाह को राजी करें। अपने गुनाहों की माफी मांगे।मौलाना बुरहान-उल-हुदा, मदरसा गुलशन हुसैन, मानगो

