Jamshedpur : जमशेदपुर में जेएनएसी ने सैरात बाजारों में मौजूद दुकानों के किराए में बढ़ोतरी कर दी है। दुकानदार इस बढोतरी का विरोध कर रहे हैं और लगातार आंदोलन चल रहा है। अब दुकानदारों ने आरटीआई के तहत एक आवेदन डाल कर जिला प्रशासन से कई सवाल पूछ लिए हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत दायर एक आवेदन ने शहर के प्रशासनिक ढांचे, बाजार व्यवस्था और भूमि स्वामित्व से जुड़े कई अहम मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। यह आवेदन जन सूचना पदाधिकारी सह अपर उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को संबोधित करते हुए सात बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगता है। आवेदनकर्ता ने सबसे महत्वपूर्ण सवाल संविधान के 74वें संशोधन की वर्तमान स्थिति को लेकर उठाया है। इसके साथ ही जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र से संबंधित कानूनों और आधिकारिक दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
सैरात बाजारों को लेकर भी आवेदन में कई सवाल किए गए हैं। खास तौर पर बाजारों के किराए में हुई बढ़ोतरी पर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि यह किस नियम और आदेश के तहत किया गया और उसका दस्तावेजी आधार क्या है। इसके अलावा टाटा स्टील और जे.सी.बी. बाजारों के बीच हुए आदान-प्रदान की प्रक्रिया और उसके कानूनी पहलुओं की जानकारी भी मांगी गई है। आवेदन में यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि सैरात बाजारों का वास्तविक मालिकाना हक किसके पास है और वर्तमान में इनकी भूमि की स्थिति क्या है। साथ ही “सैरात बाजार” की परिभाषा और उससे जुड़े नियमों को भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।
सूचना अधिकार आवेदन के साथ पोस्टल ऑर्डर (भा.पो. संख्या 551831, दिनांक 24 मार्च 2026) संलग्न किया गया है और संबंधित विभाग से सभी बिंदुओं पर दस्तावेज सहित जानकारी देने का अनुरोध किया गया है। इस आरटीआई के माध्यम से शहर में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन सवालों का क्या जवाब देता है और कितनी स्पष्टता के साथ जानकारी सार्वजनिक करता है।

