Home » Jamshedpur Womens University:अपने हक और आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ ने बुलंद की आवाज

Jamshedpur Womens University:अपने हक और आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ ने बुलंद की आवाज

​वोकेशनल स्टाफ को मिला संघ का साथ, बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलेगा नया खाता; राज्यस्तरीय महासंघ से जुड़ाव ने बढ़ाई ताकत

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

​जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा स्थित स्वर्णरेखा ऑडिटोरियम में बुधवार को शिक्षकेतर कर्मचारी संघ की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कर्मचारियों के अधिकारों, संस्थागत स्वाभिमान, वित्तीय पारदर्शिता और संगठनात्मक विस्तार जैसे गंभीर मुद्दों पर मंथन किया गया। बैठक का सबसे ज्वलंत पहलू विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये को लेकर कर्मचारियों में उपज रहा असंतोष और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के उत्पीड़न का मुद्दा रहा।

प्रशासनिक अधिकार का मतलब मनमानी नहीं

​बैठक के दौरान हाल ही में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा बकाया वेतन और देय बोनस की वाजिब मांग उठाए जाने पर प्रशासन की ओर से कथित तौर पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने की घटनाओं पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया गया। ​संघ के प्रतिनिधियों ने दोटुक शब्दों में कहा कि अपने श्रम का सही मूल्य मांगना या लागू नियमों के तहत सुविधाएं मांगना किसी भी स्थिति में अनुशासनहीनता नहीं है। बैठक में एक सुर में कहा गया कि अनुशासन का अर्थ भय नहीं होता। साथ ही प्रशासनिक अधिकार का अर्थ मनमानी नहीं होता और कर्मचारी होने का अर्थ अपना आत्मसम्मान तथा अपनी आवाज खो देना नहीं होता।

​संघ ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष या प्रशासन से बेवजह टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि एक निष्पक्ष, पारदर्शी और गरिमापूर्ण कार्य माहौल तैयार करना है।

​वोकेशनल कर्मचारियों को मिली सदस्यता, तपन बने प्रतिनिधि

​संगठन के दायरे को बढ़ाते हुए संघ ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। अब वोकेशनल कर्मचारियों को भी शिक्षकेतर कर्मचारी संघ में शामिल किया गया है। उनके लिए 100 रुपये प्रतिमाह सदस्यता शुल्क तय किया गया है। बैठक में सर्वसम्मति से तपन कुमार मोदक को वोकेशनल कर्मचारियों का अधिकृत प्रतिनिधि चुना गया। संघ का मानना है कि सेवा शर्तों में अंतर होने के बावजूद हर कर्मचारी का श्रम और सम्मान बराबर है।

​बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलेगा नया खाता

​वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए संघ ने अपना वर्तमान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता बदलकर बैंक ऑफ बड़ौदा में नया खाता खोलने का प्रस्ताव पारित किया। पदाधिकारियों के नाम अपडेट करने, संस्थान के नाम में सुधार और डिजिटल भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं जुटाने में आ रही दिक्कतों के चलते यह निर्णय लिया गया।

​उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा वेतन से सीधे सदस्यता शुल्क काटने की व्यवस्था बंद कर दिए जाने के बाद, अब कर्मचारी कोषाध्यक्ष के पास सीधे या नए डिजिटल माध्यमों से अपना शुल्क जमा कर सकेंगे।

​राज्यस्तरीय महासंघ से जुड़ाव: बढ़ेगी कर्मचारियों की ताकत

​बैठक में झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ से जुड़ने की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इसे कर्मचारी हितों की रक्षा में एक मील का पत्थर बताया। इससे वेतन, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा और राज्यस्तरीय नीतिगत समस्याओं को व्यापक मंच पर उठाने में मदद मिलेगी।

​मुख्य उपस्थितियां एवं संकल्प

​बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष गंगाधर नाग ने की। औपचारिक कार्यवाही की शुरुआत सचिव सीमा तिर्की की उपस्थिति में हुई, जबकि प्रारंभिक संबोधन उपाध्यक्ष चैतन्य शिरोमणि ने दिया। बैठक के दौरान कोषाध्यक्ष लक्ष्मी जाल, संयुक्त सचिव अशोक भट्टाचार्य एवं शंकर दास सहित मनीष दास, रामबालक भगत, नारायण नाग, तुलसी बाग, सुजाता मुखी और कई वोकेशनल कर्मचारी उपस्थित रहे।

​संघ के संरक्षक विश्वम्भर यादव ने बैठक की सफलता पर अपनी शुभकामनाएं भेजीं। अंत में, उपाध्यक्ष चैतन्य शिरोमणि ने यह संदेश दोहराया कि एकता केवल नारे लगाने से नहीं बनती, बल्कि एक-दूसरे का हाथ थामने से बनती है। मजबूत कर्मचारी ही मजबूत संस्थान की नींव रखते हैं।
​
Read Also:  Jamshedpur News : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघ के तीन शावकों का जन्म, नाम सुझाने का मिला मौका

Related Articles

Leave a Comment