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जाह्नवी कपूर ने ‘Chandivalification’ पर उठाए सवाल, भारतीय हस्तियों की MET Gala में उपस्थिति पर की आलोचना

जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि, "हमें अपने ही ऊपर इस तरह की जातिवादी टिप्पणियों से बचना चाहिए। यह स्पष्ट रूप से उपनिवेशी मानसिकता का परिणाम है।"

by Reeta Rai Sagar
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सेंट्रल डेस्क। Met Gala 2025: मेट गाला में भारतीय हस्तियों की उपस्थिति ने एक नई बहस को जन्म दिया है। शाहरुख़ ख़ान, प्रियंका चोपड़ा, कियारा आडवाणी, दिलजीत दोसांझ और ईशा अंबानी जैसे सितारे इस प्रतिष्ठित इवेंट में शामिल हुए। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे ‘चांदिवलीफिकेशन ऑफ़ MET’ करार दिया, जो भारतीय फैशन को तुच्छ और उपेक्षित दिखाने वाला शब्द है।

‘चांदिवलीफिकेशन’ शब्द का अर्थ और आलोचना
‘चांदिवलीफिकेशन’ शब्द का उपयोग बॉलीवुड फिल्म ‘चांदिवली’ से जुड़ा हुआ है, जो एक काल्पनिक और सस्ती फिल्म के रूप में जानी जाती है। इसका इस्तेमाल भारतीय हस्तियों की MET गाला में उपस्थिति को कमतर और उपेक्षित दिखाने के लिए किया गया। इस पर अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

जाह्नवी कपूर की प्रतिक्रिया
जाह्नवी कपूर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हमें अपने ही ऊपर इस तरह की जातिवादी टिप्पणियों से बचना चाहिए। यह स्पष्ट रूप से उपनिवेशी मानसिकता का परिणाम है।” उन्होंने भारतीय कारीगरों और डिज़ाइनरों के योगदान को सराहा और कहा कि यह समय है जब उनकी कला और मेहनत को वैश्विक मंच पर उचित सम्मान मिले।

भारतीय फैशन का वैश्विक मंच पर सम्मान
जाह्नवी कपूर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा, “दशकों से हमारे कारीगरों का काम बिना श्रेय के वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत किया गया है। अब समय है कि हम अपनी धरोहर और कला को गर्व से प्रस्तुत करें।” उनका कहना है कि भारतीय डिज़ाइनरों और कारीगरों को वैश्विक मंच पर उचित सम्मान मिलना चाहिए।

2025 के MET गाला में भारतीय हस्तियों की उपस्थिति ने भारतीय फैशन और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया है। हालांकि, कुछ आलोचनाओं के बावजूद, यह समय है जब हम अपनी धरोहर और कला को गर्व से प्रस्तुत करें और उन्हें उचित सम्मान दें।

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