
रांची : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए राज्यभर में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज झारखंड के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी बनी रहेगी। ऐसे में बारिश और मेघगर्जन के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
हजारीबाग, कोडरमा समेत चार जिलों में भारी बारिश
आज झारखंड के चार जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार चतरा, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि 28 अगस्त से अगले चार दिनों तक राज्य में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ वज्रपात भी हो सकता है।
झारखंड में अगले दिनों में गिरेगा तापमान
बारिश के बीच झारखंड के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
तापमान में गिरावट का सीधा असर मौसम पर देखने को मिलेगा। बारिश और बादल छाए रहने के कारण कई इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, उमस का असर कुछ स्थानों पर बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटे में जमशेदपुर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश जमशेदपुर में रिकॉर्ड की गई। यहां 67.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटे में जमशेदपुर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, रांची के कांके में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।
तीन मौसम प्रणालियों के असर से बदला झारखंड का मौसम
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के पीछे एक साथ तीन मौसम प्रणालियों का प्रभाव है। इन प्रणालियों के कारण राज्य में मानसूनी हवाओं को मजबूती मिल रही है और कई इलाकों में बारिश की स्थिति बन रही है। पहली मौसम प्रणाली दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र है। इसका प्रभाव आसपास के राज्यों के मौसम पर पड़ रहा है।
दूसरी प्रमुख वजह मानसून की द्रोणिका है। यह इस समय रांची और दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके कारण झारखंड में नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ रहा है। तीसरी प्रणाली मध्य प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बनी एक द्रोणिका है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं।
1 जून से 27 अगस्त तक जिलों में बारिश की स्थिति
झारखंड में 1 जून से 27 अगस्त के बीच बारिश का असर सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की मात्रा में अंतर दर्ज किया गया है। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहा है।
अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने के पूर्वानुमान के बीच जिलों में बारिश की स्थिति में और बदलाव हो सकता है। विशेष रूप से उत्तर और मध्य झारखंड के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
झारखंड में वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित भवन में जाना बेहतर है। पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली के उपकरणों के सीधे संपर्क में रहने से बचना चाहिए।

