झारखंड विधान सभा का बजट सत्र 24 फरवरी से आरंभ हो रहा है। इसमें राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आगामी 3 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार राज्य का बजट…
रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आगामी 3 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे। इस बार बजट के आकार में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिससे यह लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है। इस वृद्धि के कारण राज्य में वित्तीय सुदृढ़ता और विकास की दिशा में बड़े बदलाव की संभावना है।
पिछले वर्षों से बजट में निरंतर वृद्धि
झारखंड का बजट आकार पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। वर्ष 2019 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार बनने के बाद, वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने 86,370 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसके बाद, कोविड-19 के प्रभाव के बावजूद 2021-22 में बजट बढ़कर 91,277 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में यह आंकड़ा 1,01,101 करोड़ रुपये था, और 2023-24 में बढ़कर 1,16,418 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2024-25 में भी यह 1,28,900 करोड़ रुपये रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि हर वर्ष बजट आकार में लगभग 7 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है।
इस बार और अधिक वृद्धि की संभावना
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट आकार 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये तक जा सकता है। इसके अतिरिक्त, झारखंड सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे कि मंईयां सम्मान योजना को लागू करने से बजट में 15 प्रतिशत तक की और वृद्धि हो सकती है। जानकार बताते हैं कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2001 में 32,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 4,70,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। वे उम्मीद करते हैं कि अगले वर्ष के बजट में जीएसडीपी में 9.5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल सकती है।
झारखंड का जीएसडीपी और राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन
हालांकि, देश की विकास दर हाल ही में घटकर 5.4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, झारखंड के जीएसडीपी का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहने की संभावना है। सितंबर तिमाही में देश की विकास दर काफी धीमी थी, लेकिन झारखंड में उम्मीद है कि यह राज्य बेहतर प्रदर्शन करेगा।
पिछले बजट का खाका और सरकारी खर्च
वर्ष 2024-25 के बजट में सामान्य प्रक्षेत्र में 37,124 करोड़ रुपये, सामाजिक प्रक्षेत्र में 45,377 करोड़ रुपये और आर्थिक प्रक्षेत्र में 46,399 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसके साथ ही योजना पर 79,782.70 करोड़ रुपये और स्थापना पर 49,117.30 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान किया गया। राजकोषीय घाटा 9,499.68 करोड़ रुपये था, जबकि राजस्व सरप्लस 18,568 करोड़ रुपये था। प्राथमिक घाटा 2,445.11 करोड़ रुपये का था। इसके अलावा, ब्याज भुगतान पर 16,952 करोड़ रुपये और वेतन भुगतान पर भी 16,952 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। पेंशन के लिए 8,741 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
महिला कल्याण योजनाओं के लिए बड़ी राशि
इस बार के बजट में झारखंड सरकार के विशेष फोकस क्षेत्र में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा शामिल थे। आगामी बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए विशेष रूप से अधिक धन आवंटित किए जाने की संभावना है, खासकर मंईयां सम्मान योजना के कारण। विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड का आगामी बजट राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाने वाला होगा। बढ़ते हुए बजट आकार से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में राज्य की विकास दर को बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

