RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े 66 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये प्रस्ताव राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित हैं। कैबिनेट की इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन को लेकर कार्य नियमावली को स्वीकृति दी गई। यह आयोग राज्य में विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करेगा।
इसके अलावा संगीत नाट्य अकादमी, साहित्य अकादमी और ललित कला अकादमी के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है। इन संस्थानों के गठन से झारखंड में कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा। इनमें अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
दिवंगत गुरुजी के आवास का नामकरण
कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के मोरहाबादी स्थित आवास को उनकी पत्नी रूपी सोरेन के नाम पर करने के अन्यान्य प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह निर्णय गुरुजी के पारिवारिक योगदान को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है। कैबिनेट ने झारखंड बाल शिक्षा अधिकार संशोधन को मंजूरी दी है। इसके अलावा 16वें वित्त आयोग की बैठकों के लिए खर्च की गई राशि की स्वीकृति भी दी गई है। साथ ही झारखंड आकस्मिकता निधि से 20 करोड़ रुपये की अग्रिम निकासी को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- झारखंड राज्य सड़क सुरक्षा नियमावली-2025 को स्वीकृति दी गई है, जिससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त किया जा सकेगा।
- जनगणना से जुड़े तथ्यों के पुनर्प्रकाशन और केंद्र सरकार के फैसले के अनुरूप जनगणना कराने की स्वीकृति दी गई है।
- गिरिडीह में पदस्थापित स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. फरहाना सहित चार डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई।
- ट्रांसप्लांट ऑफ ऑर्गन से संबंधित गाइडलाइंस को भी हरी झंडी दी गई।
- पुनासी जलाशय योजना के लिए 1851 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रवासी मजदूर कोष के गठन को मंजूरी दी गई।
- रामगढ़ जिले के बरियातू से हुंडरू तक पथ निर्माण के लिए 34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना के तहत 232 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
- झारखंड कोचिंग सेंटर बिल 2025 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

